Elephant dies of electrocution: जशपुर जिले के दुलदुला वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी की करंट से मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम ढोढीआरा के समीप जंगल में 24 सितंबर की सुबह 8:30 बजे मृत हाथी मिलने के बाद शुरू हुई जांच में 14 लोगों के समूह की संलिप्तता सामने आई है, जिसने अवैध रूप से डेढ़ किलोमीटर तक विद्युत तार बिछा रखा था।
वन विभाग ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य 8 संदिग्धों की तलाश जारी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
डॉग स्क्वॉड ने खोला राज
हाथी के मृत हालत में मिलने की सूचना पर वन अमला मौके पर पहुंचा और घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वॉड की मदद से जंगल, खेत और नाले के आसपास सर्च अभियान चलाया गया तो जंगल-खेत की सीमा पर डेढ़ KM तक तार बिछाने के निशान मिले। बताया जा रहा है कि समूह के सदस्य तार बिछाने के बाद गांव में एक व्यक्ति के घर पर रुके और भोजन किया, इसी दौरान हाथी करंट की चपेट में आ गया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में केस
वन विभाग ने सभी 6 आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराकर 25 सितंबर शाम को न्यायालय में पेश किया। आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। विभाग अब जांच कर रहा है कि क्या इस समूह की पूर्व में हुई वन्यजीव शिकार की घटनाओं में भी भूमिका रही है। विद्युत विभाग से तकनीकी जांच और बिजली आपूर्ति के रिकॉर्ड भी मंगाए गए हैं।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. जशपुर में हाथी की मौत कैसे हुई?
— दुलदुला रेंज के ढोढीआरा गांव के समीप जंगल में 14 सदस्यीय समूह द्वारा बिछाए गए अवैध विद्युत तार की चपेट में आने से हाथी की करंट से मौत हुई, 24 सितंबर सुबह 8:30 बजे शव मिला।
Q2. वन विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
— डॉग स्क्वॉड से डेढ़ KM तक तार के निशान मिले, अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 25 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया, अन्य 8 की तलाश जारी है।
Q3. आरोपियों पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
— आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।



