टीआरपी। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के 20 होनहार युवाओं का एक दल हिमाचल प्रदेश के ‘बीर’ में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के “यूथ फेस्टिवल 2026” में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है। जशपुर कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा चयनित यह दल 21 मई से 24 मई 2026 तक चलने वाले इस गौरवशाली महोत्सव में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा।
यह आयोजन जशपुर जैसे जनजातीय बाहुल्य जिले के युवाओं के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय मंच है। इसके जरिए न सिर्फ छत्तीसगढ़ की लोक कला, पारंपरिक नृत्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश के कोने-कोने से आए लोगों के सामने प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा, बल्कि वनांचल के युवाओं का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी मजबूत होगी।
पहाड़ों पर एडवेंचर के साथ सजेगा संस्कृति का राष्ट्रीय मंच
इस 4 दिवसीय राष्ट्रीय महोत्सव में भाग लेने के लिए जशपुर जिले के 18 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। युवाओं की सुरक्षा, अनुशासन और सही मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के लिए दल के साथ जिला स्तर के 02 प्रभारियों (नोडल अधिकारियों) को भी हिमाचल भेजा जा रहा है। यह दल हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र ‘बीर’ में एडवेंचर स्पोर्ट्स और पहाड़ों पर ट्रेकिंग का अनोखा अनुभव प्राप्त करेगा।
यह फेस्टिवल केवल एक सामान्य सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश भर के युवाओं की ऊर्जा, कला और सपनों का एक जीवंत महासंगम है। राष्ट्रीय मंच पर जशपुर के यह युवा छत्तीसगढ़ी गीत, संगीत और पारंपरिक लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा, आयोजन में राष्ट्रीय स्तर की भाषण प्रतियोगिताओं और विभिन्न राज्यों के युवाओं के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए विशेष संवाद सत्रों का भी आयोजन किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ के युवाओं को नए विचार और अनुभव प्रदान करेगा।
जशपुर जिले के 18 से 24 वर्ष के कुल 20 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय मंच के लिए चुना गया है।
यह राष्ट्रीय यूथ फेस्टिवल हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘बीर’ में 21 से 24 मई 2026 तक आयोजित हो रहा है।
युवाओं के मार्गदर्शन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में 02 जिला स्तरीय प्रभारियों को दल के साथ भेजा गया है।
हिमाचल प्रदेश की वादियों में चार दिनों तक अपनी कला का प्रदर्शन करने के बाद यह दल जशपुर वापस लौटेगा। इस यात्रा से मिले राष्ट्रीय अनुभव और एडवेंचर ट्रेनिंग का उपयोग ये युवा भविष्य में जिला स्तर पर होने वाले सांस्कृतिक और सामाजिक अभियानों में रोल मॉडल के रूप में कर सकेंगे।


