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CG News: गांव में नेटवर्क नहीं, छात्र को पढ़ने में आई दिक्कत, जियो को अब देना होगा मुआवजा

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में खराब मोबाइल नेटवर्क को लेकर उपभोक्ता आयोग ने रिलायंस जियो को सेवा में कमी का दोषी माना है। बैकुंठपुर स्थित जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को ग्राहक अभिनय पांडेय को कुल 14 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। इसमें 10 हजार रुपये मुआवजा और 4 हजार रुपये […]

Jio Network Compensation Case
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में खराब मोबाइल नेटवर्क को लेकर उपभोक्ता आयोग ने रिलायंस जियो को सेवा में कमी का दोषी माना है। बैकुंठपुर स्थित जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को ग्राहक अभिनय पांडेय को कुल 14 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। इसमें 10 हजार रुपये मुआवजा और 4 हजार रुपये मुकदमा लड़ने में हुए खर्च के शामिल हैं।

मामले में आयोग ने माना कि खराब नेटवर्क के कारण छात्र की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हुई। शिकायत के बाद भी कंपनी समस्या का समाधान नहीं कर सकी। आयोग ने जियो को आदेश दिया है कि वह 60 दिनों के भीतर निर्धारित राशि का भुगतान करे। देरी होने पर मुआवजे की राशि पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा।

ऑनलाइन क्लास और नोट्स डाउनलोड करने में परेशानी

अभिनय पांडेय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और रिलायंस जियो की सेवाओं का इस्तेमाल करते थे। उनके गांव सलका में कई महीनों से नेटवर्क की समस्या बनी हुई थी। बार-बार कॉल कटने और इंटरनेट की गति धीमी होने के कारण उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने और पढ़ाई से जुड़े नोट्स डाउनलोड करने में परेशानी होती थी।

दो साल तक नहीं सुधरा नेटवर्क

अभिनय पांडेय ने 21 सितंबर 2023 को जियो के अपीलीय अधिकारी को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी थी। कंपनी ने अगले दिन जवाब देते हुए नेटवर्क की समस्या स्वीकार की और छह महीने में सुधार का आश्वासन दिया। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार, दो साल बीतने के बाद भी नेटवर्क की समस्या का समाधान नहीं हुआ।

सरकारी पोर्टल पर भी की शिकायत

नेटवर्क में सुधार नहीं होने पर पांडेय ने केंद्र सरकार के जन शिकायत पोर्टल पर अक्टूबर 2025 और जनवरी 2026 में दो बार शिकायत दर्ज कराई। पहली शिकायत के जवाब में कंपनी ने संबंधित क्षेत्र में पर्याप्त नेटवर्क कवरेज होने की बात कही, जबकि दूसरी बार उसी स्थान पर सीमित कवरेज का हवाला देकर मामला बंद कर दिया। कंपनी के अलग-अलग जवाबों और नेटवर्क सुधारने के बजाय दूसरी दूरसंचार कंपनी में नंबर पोर्ट कराने की सलाह से परेशान होकर पांडेय ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

जियो ने टावर नहीं होने का दिया तर्क

सुनवाई के दौरान जियो ने दलील दी कि गांव में कंपनी का अपना मोबाइल टावर नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि दूरसंचार सेवाएं देने वाली कंपनियां उन क्षेत्रों में निवेश करने से बच सकती हैं, जहां पर्याप्त आर्थिक लाभ की संभावना नहीं होती। जियो ने ग्राहक के लगातार रिचार्ज कराने को भी अपनी दलील का हिस्सा बनाया।

आयोग ने कहा- अच्छी सेवा देना कंपनी की जिम्मेदारी

आयोग के अध्यक्ष राकेश पांडेय और सदस्य चूरामन दास ने कंपनी की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि दूरसंचार सेवा देने वाली कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह अपने ग्राहकों को उचित सेवा उपलब्ध कराए। शिकायत के बावजूद नेटवर्क की समस्या दूर नहीं करना और ग्राहक को दूसरी कंपनी में जाने की सलाह देना सेवा में कमी को दर्शाता है।

60 दिन में देना होगा मुआवजा

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत मामले की सुनवाई करते हुए आयोग ने 7 अक्टूबर 2026 को जियो को 10 हजार रुपये मुआवजा और 4 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का आदेश दिया। कंपनी को 60 दिनों के भीतर कुल 14 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर 10 हजार रुपये की मुआवजा राशि पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना पड़ेगा।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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