ICDIACS 2026: कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर द्वारा “डिजिटल इंटेलिजेंस: सतत भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा एवं कंप्यूटिंग (ICDIACS-2026)” विषय पर दो दिवसीय तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। 27 एवं 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेज़बानी कंप्यूटर विज्ञान विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी संकाय द्वारा की गई।
सम्मेलन में देशभर और विदेशों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के विशेषज्ञों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
सतत डिजिटल भविष्य के निर्माण हेतु विचार-मंथन
इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ज्ञान का आदान-प्रदान करना, अनुसंधान निष्कर्षों को प्रस्तुत करना तथा सतत डिजिटल भविष्य के निर्माण हेतु उभरते हुए तकनीकी नवाचारों की संभावनाओं को खोजना था। सम्मेलन के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तथा सतत कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों पर गहराई से चर्चा की गई।
पारंपरिक और गरिमामयी ढंग से हुआ उद्घाटन समारोह
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित कॉलेज ऑफ बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स (प्रबंधन विभाग) के सहायक प्राध्यापक डॉ. विकास स्वर्णकार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में अनुसंधान-आधारित नवाचारों और उद्योग तथा शिक्षाजगत के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों एवं शिक्षाविदों की मौजूदगी
समारोह में कलिंगा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों और शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर; अधिष्ठाता अकादमिक मामले एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. राहुल मिश्रा; संयोजक एवं अधिष्ठाता (कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग) डॉ. अनुराग शर्मा; तथा विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपा सिन्हा प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी अतिथियों ने सम्मेलन के उद्देश्य और महत्व पर अपने विचार साझा किए।
वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए ज्ञानवर्धक विचार
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में प्रमुख वक्ताओं ने गहन व्याख्यान प्रस्तुत किए। यूएई से आए डॉ. विकास स्वर्णकार तथा एमफैसिस (अटलांटा, अमेरिका) के सॉल्यूशन आर्किटेक्ट श्री मोहम्मद आदिल ने बुद्धिमान कंप्यूटिंग प्रणालियों और डिजिटल सुरक्षा के निरंतर बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने शोधकर्ताओं को उत्तरदायी प्रौद्योगिकी के विकास और उद्योग तथा अकादमिक क्षेत्र के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
791 से अधिक पंजीकरण और 36 शोधपत्रों का वाचन
सम्मेलन को शैक्षणिक जगत में व्यापक समर्थन और सहभागिता मिली। दो दिनों के दौरान 791 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जबकि विभिन्न तकनीकी सत्रों के दौरान 36 शोधपत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए गए। देश-विदेश के शोधकर्ताओं ने अपने नवीनतम निष्कर्षों को साझा करते हुए संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता पर जोर दिया।

वैश्विक चुनौतियों के समाधान में AI और साइबर सुरक्षा की भूमिका
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में अंतःविषयक चर्चाओं को प्रोत्साहित किया गया। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मजबूत साइबर सुरक्षा प्रणालियां वैश्विक डेटा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का समाधान कर सकती हैं। डिजिटल युग में सुरक्षित और मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोगात्मक अनुसंधान को बेहद जरूरी बताया गया।
सह-संयोजक एवं आयोजन सचिवों का महत्वपूर्ण योगदान
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने में सह-संयोजकों – डॉ. अनुपा सिन्हा, डॉ. सुनीता कुशवाहा, डॉ. अयाज़ अहमद फ़रीदी, डॉ. सैयद अथर अली हाशमी एवं डॉ. राकेश यशवंत गेदाम की मुख्य भूमिका रही। वहीं आयोजन सचिव के रूप में अंजलि गोस्वामी, संजय बेहरा, मीनाक्षी सोनी तथा सेजल सिंह कश्यप ने सभी व्यवस्थाओं का बेहतर समन्वय किया।
समर्पित आयोजन समिति के प्रयासों से सम्मेलन हुआ सफल
आयोजन समिति के सदस्य अंजलि कड़ाओ, रूही खान, अर्चना मिश्रा, नेहा शुक्ला, प्रवीण सिंह, अब्दुल सलाम, तुलुराज साहू, बिस्वरूप दत्ता, पुष्पक बसाक, फ़ैज़ मोहम्मद तथा माधवी क्षत्रिय के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन संभव हो सका। समिति के सभी सदस्यों ने योजना निर्माण से लेकर सत्रों के संचालन तक में सक्रिय योगदान दिया।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ ICDIACS-2026
सम्मेलन के समापन पर डॉ. अनुराग शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, आमंत्रित वक्ताओं, शोधकर्ताओं, प्रतिभागियों, आयोजन समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार जताया। इस आयोजन के माध्यम से कलिंगा विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, उन्नत अनुसंधान और प्रौद्योगिकी-आधारित सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध किया है।



