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Kalinga University: कलिंगा यूनिवर्सिटी की पहल, भिलाई में ‘कौशल बोध – प्रिंसिपल मीट 2026’ का आयोजन

Kalinga University: कलिंगा यूनिवर्सिटी, नया रायपुर द्वारा भिलाई के नेहरू नगर स्थित होटल ग्रैंड ढिल्लों में ‘कौशल बोध कार्यशाला – प्रिंसिपल मीट 2026’ का भव्य और सफल आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना और छात्रों को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना था। कार्यशाला […]

Kalinga University Kaushal Bodh Workshop Principal Meet 2026 Bhilai Grand Dhillon Hotel
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Kalinga University: कलिंगा यूनिवर्सिटी, नया रायपुर द्वारा भिलाई के नेहरू नगर स्थित होटल ग्रैंड ढिल्लों में ‘कौशल बोध कार्यशाला – प्रिंसिपल मीट 2026’ का भव्य और सफल आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना और छात्रों को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना था।

कार्यशाला में दुर्ग, भिलाई और आसपास के क्षेत्रों से आए प्रमुख स्कूली प्राचार्यों और जाने-माने शिक्षाविदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कौशल-आधारित शिक्षा, प्रभावी संस्थागत नेतृत्व और स्कूल-विश्वविद्यालय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।

पारंपरिक दीप प्रज्वलन और अतिथियों का आत्मीय स्वागत

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। आयोजकों द्वारा मंच पर उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों और रिसोर्स पर्सन्स का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। पर्यावरण संरक्षण और हरित संदेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी अतिथियों को सम्मान स्वरूप गमले वाले पौधे (पॉटेड प्लांट्स) भेंट किए गए। इस दौरान पूरे सभागार में सकारात्मक और ज्ञानवर्धक शैक्षणिक माहौल का संचार हुआ, जिससे इस मीट के मुख्य उद्देश्यों को गति मिली।

मजबूत शैक्षणिक साझेदारी पर कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी का जोर

कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) डॉ. संदीप गांधी ने अपने स्वागत भाषण में स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के बीच मजबूत तालमेल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक स्कूल और विश्वविद्यालय आपस में मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक छात्रों के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य अधूरा रहेगा। डॉ. गांधी ने रेखांकित किया कि एक समृद्ध और एकीकृत शैक्षणिक परिवेश (इकोसिस्टम) के निर्माण के लिए ऐसे संवाद और साझेदारियां आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं।

मुख्य अतिथि सीबीएसई क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश बर्मन का संबोधन

इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय माध्यमिक सेवा बोर्ड (CBSE), रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश बर्मन उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने शैक्षणिक विकास, बदलती प्रशासनिक जिम्मेदारियों और सीबीएसई के नवीनतम दिशानिर्देशों पर प्रकाश डाला। श्री बर्मन ने कहा कि स्कूलों में केवल किताबी ज्ञान देना ही काफी नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जो छात्रों के भीतर नई सोच, नवाचार और भविष्य की आकांक्षाओं को समर्थन दे सके।

‘कौशल बोध’ सत्र में अनुभवात्मक शिक्षा पर कल्पना चौधरी का विचार

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र के दौरान एन.एच. गोयल वर्ल्ड स्कूल, रायपुर की सेवानिवृत्त प्राचार्य कल्पना चौधरी ने ‘कौशल बोध’ विषय पर एक बहुत ही व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छात्रों में रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता और आत्मविश्वास पैदा करने के लिए अनुभवात्मक (Experiential) और कौशल-आधारित शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना अनिवार्य है। उन्होंने प्राचार्यों को दैनिक शिक्षण गतिविधियों में व्यावहारिक दक्षताओं को जोड़ने के उपाय बताए।

डॉ. मोनिका सेठी ने ‘कैंपसऑन’ के जरिए मेंटरिंग मॉडल किया पेश

कलिंगा यूनिवर्सिटी की प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मोनिका सेठी ने ‘स्कूल्स के लिए मेंटरिंग पार्टनर के रूप में कैंपसऑन (Campus On)’ विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह कैंपसऑन पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय स्कूलों के साथ जुड़कर छात्रों को सही करियर विकल्प चुनने, उच्च शिक्षा की राह आसान बनाने और मार्गदर्शन प्रदान करने में मदद कर सकता है। यह सत्र प्राचार्यों के लिए छात्रों के बेहतर भविष्य निर्माण के संदर्भ में बेहद उपयोगी साबित हुआ।

नेटवर्किंग लंच और शिक्षा जगत की उभरती चुनौतियों पर मंथन

तकनीकी और विचार सत्रों के बाद प्रतिभागी प्राचार्यों के लिए एक विशेष इंटरैक्टिव लंच का आयोजन किया गया। इस सहभोज ने उपस्थित शिक्षाविदों और प्रशासनिक प्रमुखों को एक-दूसरे के साथ खुले माहौल में विचारों का आदान-प्रदान करने का बेहतरीन अवसर दिया। प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, आधुनिक पठन-पाठन पद्धतियों और स्कूल-यूनिवर्सिटी पार्टनरशिप की संभावनाओं पर आपस में विस्तृत चर्चा की।

शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्राचार्यों का सम्मान

कार्यशाला के अंतिम चरण में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें स्कूली शिक्षा में सुधार, युवाओं के मार्गदर्शन, संस्थागत नेतृत्व और छात्रों की प्रतिभा को निखारने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले सभी प्रतिभागी प्राचार्यों को मंच पर सम्मानित किया गया। कलिंगा यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों ने शिक्षा जगत के इन कर्णधारों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके द्वारा समाज निर्माण में दी जा रही सेवाओं की सराहना की।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता अजय कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का औपचारिक समापन कलिंगा यूनिवर्सिटी के छात्र कल्याण संकाय (DSW) के प्रभारी अधिष्ठाता अजय कश्यप द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव (Vote of Thanks) के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि अमिताभ दास (प्राचार्य, शंकराचार्य विद्यालय), विषय विशेषज्ञों तथा सभी प्राचार्यों का आभार जताया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन सोनालिका मोंटेइरो और अमन दुबे ने किया। कश्यप ने आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम के योगदान को सराहा।

डायरेक्टर मार्केटिंग अभिषेक शर्मा के मार्गदर्शन में सफल पहल

विपणन निदेशक (Director, Marketing) अभिषेक शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित यह ‘कौशल बोध कार्यशाला – प्रिंसिपल मीट 2026’ अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में पूरी तरह सफल रही। कलिंगा यूनिवर्सिटी ने इस आयोजन के माध्यम से स्कूली और उच्च शिक्षा के बीच सेतु बनने, कौशल विकास को प्राथमिकता देने और भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का आधार तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सिद्ध किया है।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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