Kalinga University Lalit Bhasin Moot Court: छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित प्रतिष्ठित कलिंगा विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा हाल ही में एक भव्य और शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण विशिष्ट विधिवेत्ता व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विधि जगत के दिग्गजों और अकादमिक जगत के प्रतिनिधियों के लिए एक बड़ा मंच साबित हुआ।
इस प्रतिष्ठित आयोजन का मुख्य उद्देश्य न्याय, व्यावसायिक उत्कृष्टता और विधि के शासन के शाश्वत मूल्यों का सम्मान करना तथा छात्रों में इन्हें प्रोत्साहित करना था।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. ललित भसीन रहे मुख्य वक्ता
इस विशेष व्याख्यान को सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता और नई दिल्ली स्थित ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स’ (SILF) के अध्यक्ष, अधिवक्ता (डॉ.) ललित भसीन द्वारा संबोधित किया गया। उनकी उपस्थिति ने इस शैक्षणिक कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया। विधि के क्षेत्र में उनके दशकों के अनुभव और अमूल्य योगदान ने कार्यक्रम में शामिल सभी विधिवेत्ताओं और विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।
सैद्धांतिक ज्ञान-न्यायालयीन व्यवहार के बीच की दूरी को पाटने प्रयास
कलिंगा विश्वविद्यालय की विशिष्ट विधिवेत्ता व्याख्यान श्रृंखला संस्थान के उस मूल दृष्टिकोण को बखूबी प्रतिबिंबित करती है, जिसके तहत किताबों में मिलने वाले सैद्धांतिक विधिक ज्ञान और असल न्यायालयीन व्यवहार के बीच की दूरी को कम करने का निरंतर प्रयास किया जाता है। प्रख्यात वकीलों और विधि विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद के माध्यम से विधि संकाय विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक कौशल और व्यावसायिक आत्मविश्वास विकसित करता है।

डॉ. ललित भसीन के नाम पर मूट कोर्ट हॉल का नामकरण
इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आकर्षण कलिंगा विश्वविद्यालय के विधि संकाय में स्थित अत्याधुनिक मूट कोर्ट हॉल का नामकरण रहा। विश्वविद्यालय ने प्रतिष्ठित कानूनी हस्ती अधिवक्ता (डॉ.) ललित भसीन के सम्मान में अपने मूट कोर्ट हॉल का नाम ‘अधिवक्ता (डॉ.) ललित भसीन मूट कोर्ट हॉल’ के रूप में समर्पित किया। यह ऐतिहासिक कदम विधि शिक्षा और व्यावहारिक वकालत के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
आधुनिक सुविधाओं और ऑडियो-विजुअल तकनीक से सुसज्जित हॉल
यह नव-समर्पित मूट कोर्ट हॉल अत्याधुनिक आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक से पूरी तरह लैस है। इसे विद्यार्थियों को वास्तविक न्यायालयीन वातावरण का जीवंत अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस उन्नत तकनीक के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं, वकालत कार्यशालाओं और मुकदमेबाजी के व्यावहारिक अभ्यास सत्रों के आयोजन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी।
विश्वविद्यालय के शीर्ष पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस प्रतिष्ठित समारोह में कलिंगा विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. श्रीधर, प्रति-कुलपति डॉ. मोनिका सेठी शर्मा, अकादमिक मामले एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. राहुल मिश्रा, तथा विधि संकाय के प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) अज़ीमखान बी. पठान प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अन्य अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।
डॉ. भसीन ने दिए व्यावसायिक नैतिकता और मूल्यों के पाठ
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता अधिवक्ता (डॉ.) ललित भसीन ने अपनी लंबी और प्रेरणादायक व्यावसायिक यात्रा के अनुभवों को छात्रों के साथ साझा किया। उन्होंने युवा विधि के विद्यार्थियों को कड़े नैतिक मानकों, व्यावसायिक ईमानदारी और भारतीय संविधान के मूल्यों को सदैव सर्वोपरि रखने के लिए प्रेरित किया। उनके इन अनमोल विचारों से छात्रों को भविष्य में एक सफल और जिम्मेदार विधि विशेषज्ञ बनने की दिशा में गहरी प्रेरणा मिली।

व्यावहारिक शिक्षा और मूट कोर्ट गतिविधियों को मिल रहा प्रोत्साहन
कलिंगा विश्वविद्यालय का विधि संकाय सुराना एंड सुराना के साथ सहयोग और वार्षिक अंतर-विश्वविद्यालय मूट कोर्ट गतिविधियों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा को लगातार बढ़ावा देता रहा है। इन पहलों को आगे बढ़ाते हुए संकाय द्वारा मूट कोर्ट वकालत, विधिक प्रारूपण (लीगल ड्राफ्टिंग) और व्यावसायिक कौशल पर केंद्रित एक विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना बनाई जा रही है, जो छात्रों के करियर के लिए बेहद मददगार साबित होगा।
सफल संचालन में शिक्षकों का रहा विशेष योगदान
यह पूरा भव्य कार्यक्रम प्रो. (डॉ.) अज़ीम खान बी. पठान (अधिष्ठाता एवं प्रोफेसर) तथा एकता चंद्राकर (प्रभारी विभागाध्यक्ष, विधि संकाय) के मार्गदर्शन में सफलतापवूर्क संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी विधि संकाय की सहायक प्राध्यापिकाओं- वंशिका कपूर, नवांशु श्रीवास्तव और ऐनम फातिमा द्वारा बखूबी निभाई गई, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।

प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बनेगा यह हॉल
अत्याधुनिक अधिवक्ता (डॉ.) ललित भसीन मूट कोर्ट हॉल का यह नामकरण कलिंगा विश्वविद्यालय के इतिहास में एक मील का पत्थर है। भारतीय विधि जगत के इस महान व्यक्तित्व के नाम से इस सुविधा को जोड़कर विश्वविद्यालय ने उन तमाम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत स्थापित किया है, जो भविष्य में वकालत, मुकदमेबाजी, न्यायिक सेवा, अनुसंधान या जनसेवा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं।



