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Kalinga University: कलिंगा यूनिवर्सिटी में नवरात्रि और गरबा नाइट की धूम, भक्ति, पारंपरिक परिधानों से सराबोर नया रायपुर कैंपस

Kalinga University: कलिंगा यूनिवर्सिटी में नवरात्रि और गरबा नाइट की धूम, भक्ति, पारंपरिक परिधानों से सराबोर नया रायपुर कैंपस
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
TRP अलर्ट्स

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Kalinga University: नवा रायपुर स्थित कलिंगा विश्वविद्यालय में नवरात्रि का पावन पर्व बेहद श्रद्धा, सांस्कृतिक उल्लास और सामुदायिक एकता के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) द्वारा आयोजित और आरसी ब्लड सेंटर (RC Blood Centre) द्वारा प्रायोजित इस विशेष कार्यक्रम में हॉस्टल के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस आयोजन का मुख्य ध्येय भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और छात्रों में सौहार्द की भावना को सुदृढ़ करना रहा।

दीप प्रज्वलन और माँ अम्बे की आरती से हुई आध्यात्मिक शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद परिसर में एकत्रित सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने एक स्वर में माँ अम्बे की पावन आरती उतारी। माँ दुर्गा से विश्वविद्यालय परिवार के सुख, समृद्धि, सकारात्मकता और कल्याण की कामना की गई। आरती के बाद विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्रों ने पारंपरिक नवरात्रि गीतों पर एक मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे माहौल में ऊर्जा और उल्लास भर दिया।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के पश्चात अतिथियों और विशिष्ट अतिथियों का पौध-भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया, जो सम्मान और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक रहा। इस अवसर पर आरसी ब्लड सेंटर की ओर से सुश्री दीपिका सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनका स्वागत करते हुए संस्थागत साझेदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों में रंगे दिखे हॉस्टल के छात्र

उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों की वेशभूषा रही। नवरात्रि के नौ दिवसीय पर्व की परंपरा का सम्मान करते हुए हॉस्टल के छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों से जुड़े विशेष रंगों के पारंपरिक परिधान धारण किए। रंग-बिरंगे चनिया-चोली, कुर्ता-पायजामा और पारंपरिक आभूषणों से सजे-धजे विद्यार्थियों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया।

पारंपरिक गरबा नाइट बनी संध्या का मुख्य आकर्षण

संध्या का सबसे बहुप्रतीक्षित और मुख्य आकर्षण पारंपरिक गरबा कार्यक्रम रहा। जैसे ही गरबा और डांडिया के पारंपरिक संगीत की धुनें गूंजीं, पूरा परिसर लयबद्ध नृत्य और तालियों की गड़गड़ाहट से जीवंत हो उठा। विद्यार्थियों ने पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ गरबा की विभिन्न शैलियों का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिताओं और आकर्षक पुरस्कारों ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह

कार्यक्रम को और अधिक मनोरंजक व सहभागी बनाने के लिए विभिन्न श्रेणियों के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बेस्ट ड्रेस, बेस्ट गरबा डांसर और बेस्ट क्रिएटिविटी जैसी उपाधियों के साथ विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। इन स्पर्धाओं ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और शैली प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्रदान किया।

स्मृति-चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त, विशेष रात्रिभोज के साथ समापन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विशिष्ट अतिथि दीपिका सिन्हा को उनकी गरिमामयी उपस्थिति और सहयोग के लिए स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और स्टाफ के लिए एक विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया गया। इस रात्रिभोज में सभी ने एक साथ आकर संवाद किया और खुशियाँ बांटीं।

सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और सामुदायिक भावना को मिला बढ़ावा

कलिंगा विश्वविद्यालय सदैव अपने विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय कला, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने के लिए तत्पर रहता है। नवरात्रि और गरबा नाइट का यह सफल आयोजन न केवल कलात्मक अभिव्यक्ति का मंच बना, बल्कि इसने छात्रों के बीच आपसी सौहार्द, सम्मान और सामुदायिक एकता के बंधन को और मजबूत करने का काम किया।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

राजनीति एवं समसामयिक मामलों के संवाददाता

छत्तीसगढ़ व राष्ट्रीय राजनीति, विधानसभा सत्र एवं चुनावी समीकरणों पर बारीक नज़र।

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