रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफसरों की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शासन ने कांकेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राम चन्द्र ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वजह – हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना।
दरअसल, हाईकोर्ट बिलासपुर में डॉ. लखन जुरी विरुद्ध शासन का केस चल रहा है। इसमें डॉ. ठाकुर को प्रभारी अधिकारी बनाया गया था। महाधिवक्ता कार्यालय और विभाग ने 16 सितंबर को पत्र जारी कर 25 सितंबर तक जवाबदावा प्रस्तुत करने को कहा था। लेकिन समय पर जवाब पेश नहीं हुआ। नाराज हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया और 3000 रुपये का कॉस्ट भी लगा दिया।
शासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए माना कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन और कदाचार है। इसी आधार पर सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन आदेश जारी किया गया है।
निलंबन के दौरान डॉ. ठाकुर का मुख्यालय बस्तर संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में रहेगा। बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। यह आदेश 27 सितंबर को अवर सचिव दिव्या वैष्णव ने राज्यपाल के नाम से जारी किया है।
देखें आदेश:

Faq: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. कांकेर के CMHO को क्यों निलंबित किया गया है?
हाईकोर्ट बिलासपुर में लंबित केस WPS No. 3865/2025 में प्रभारी अधिकारी होने के बावजूद 25 सितंबर की डेडलाइन तक जवाबदावा पेश नहीं करने पर। शासन ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना है।
Q2. हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया था?
जवाब समय पर पेश नहीं होने पर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और 3000 रुपये कॉस्ट जमा करने का निर्देश दिया था।
Q3. निलंबन किस नियम के तहत किया गया है?
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के उल्लंघन पर, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत।
Q4. निलंबन अवधि में CMHO का मुख्यालय कहाँ रहेगा?
कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बस्तर संभाग। वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे।
Q5. यह आदेश किसने जारी किया है?
27 सितंबर 2026 को अवर सचिव दिव्या वैष्णव ने राज्यपाल के नाम से और उनके आदेशानुसार मंत्रालय महानदी भवन से।


