Massive protest for police recruitment: छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती के 1600 रिक्त पदों का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। कवर्धा में पुलिस भर्ती अभ्यर्थी पिछले 67 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि 1600 पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। अब इस आंदोलन को भीम आर्मी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जैसे संगठनों का खुला समर्थन मिलने लगा है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के 1600 रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर युवा लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। कवर्धा में उनका आंदोलन 67वें दिन में प्रवेश कर गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई बार आश्वासन मिला, लेकिन भर्ती विज्ञापन आज तक जारी नहीं हुआ। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
गृहमंत्री के ऑफिस तक पहुंचा आंदोलन, पुलिस ने रोका
सोमवार को भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश आजाद के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता कवर्धा पहुंचे। सभी ने मिलकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की।
हालात को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग लगा रखी थी। प्रदर्शनकारियों को कार्यालय से कुछ दूरी पर ही रोक दिया गया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
भीम आर्मी ने क्या आरोप लगाया?
भीम आर्मी ने कहा कि युवा 67 दिन से सड़क पर हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। पुलिस भर्ती जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार को तुरंत फैसला लेना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक 1600 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, उनका समर्थन जारी रहेगा।
CM हाउस घेराव की चेतावनी, आंदोलन होगा और तेज
भीम आर्मी चीफ दिनेश आजाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा – “अगर जल्द मांगे नहीं मानी गईं तो हम सीधे मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ी तो CM हाउस का घेराव भी करेंगे।” इस बयान के बाद अब आंदोलन के और तेज होने के आसार हैं।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी उतरी मैदान में
इस आंदोलन को अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का भी समर्थन मिल गया है। पार्टी पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए रिक्त 1600 पदों को तुरंत भरा जाए। दो बड़े संगठनों के समर्थन से अभ्यर्थियों के हौसले बुलंद हैं।
अब आगे क्या? सरकार के फैसले पर टिकी नजरें
67 दिन से चल रहा यह धरना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या सरकार 1600 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करेगी या आंदोलन रायपुर तक पहुंचेगा? यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
FAQ – कवर्धा पुलिस भर्ती धरना
Q1. कवर्धा में पुलिस भर्ती अभ्यर्थी कितने दिन से धरने पर हैं?
कवर्धा में पुलिस भर्ती अभ्यर्थी पिछले 67 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं।
Q2. अभ्यर्थियों की मुख्य मांग क्या है?
अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ पुलिस के 1600 रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
Q3. आंदोलन को किन संगठनों का समर्थन मिल रहा है?
इस आंदोलन को भीम आर्मी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का समर्थन मिला है। भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश आजाद खुद कवर्धा पहुंचे थे।
Q4. गृहमंत्री कार्यालय घेराव के दौरान क्या हुआ?
भीम आर्मी और अभ्यर्थियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
Q5. भीम आर्मी ने क्या चेतावनी दी है?
भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश आजाद ने कहा है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो संगठन मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और जरूरत पड़ने पर CM हाउस का घेराव किया जाएगा।



