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हाई कोर्ट का अहम फैसला : पट्टाधारी किसान को भी मिलेगा भू-स्वामी के बराबर मुआवजा, भूमि अधिग्रहण से जुड़ा मामला

हाई कोर्ट का अहम फैसला : पट्टाधारी किसान को भी मिलेगा भू-स्वामी के बराबर मुआवजा, भूमि अधिग्रहण से जुड़ा मामला
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
TRP अलर्ट्स

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि वैध रूप से भूमि पर काबिज पट्टाधारी भी मुआवजे का उतना ही हकदार है, जितना एक भू-स्वामी। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को विधिसम्मत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी कर नियमानुसार अवार्ड पारित करने और प्रभावित किसान को उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

क्या है मामला..?

यह मामला मुंगेली जिले के जरहागांव निवासी किसान अजीत कश्यप का है। याचिका के अनुसार अजीत कश्यप को शासन की योजना के तहत भूमि का पट्टा प्रदान किया गया था और राजस्व अभिलेखों में उनका नाम पट्टाधारी के रूप में दर्ज है। वह इसी भूमि पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

इस बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण, उन्नयन और निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग ने उन्हें भूमि खाली करने का नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में कहा गया कि प्रस्तावित परियोजना के कारण भूमि प्रभावित हो रही है। किसान ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि वह भूमि पर वैध कब्जाधारी हैं और भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों के तहत उन्हें भी प्रभावित भूमि के बदले भू-स्वामी के समान मुआवजा पाने का अधिकार है। साथ ही यह भी कहा गया कि विधिसम्मत अधिग्रहण प्रक्रिया अपनाए बिना भूमि खाली कराने की कार्रवाई कानून के अनुरूप नहीं है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राज्य शासन को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में पट्टाधारी के अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए और उसे केवल इस आधार पर मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता कि वह भूमि का मूल स्वामी नहीं है।

अपने अंतिम आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता भूमि पर विधिसम्मत अधिकार रखता है, इसलिए अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार अपनाई जाए। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित भूमि का विधिवत अधिग्रहण कर अवार्ड पारित किया जाए तथा याचिकाकर्ता को कानून के अनुरूप उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

संभागीय प्रमुख व वरिष्ठ संवाददाता

बस्तर व सरगुजा अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों से जनमुद्दों और जनसमस्याओं पर बेबाक रिपोर्टिंग।

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