Injured leopard dies: कोमाखान के झिटकी गांव में बीते सप्ताह घर में घुसकर 9 ग्रामीणों को घायल करने वाले तेंदुए की मौत हो गई है। जंगल सफारी रायपुर में इलाज के दौरान बुधवार को उसने दम तोड़ दिया। वन विभाग ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है, लेकिन ग्रामीणों की दहशत अभी भी बरकरार है।
वन विभाग के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान तेंदुए के सिर पर 4 से ज्यादा गंभीर चोटों के निशान मिले थे। इसी वजह से उसकी हालत नाजुक थी। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चलेगा।
रेस्क्यू कैसे हुआ था?
3-4 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे यह तेंदुआ झिटकी में एक ग्रामीण के घर में घुस गया था। घर में सो रहे 6 लोगों पर उसने हमला कर दिया, जबकि दो बच्चे बाल-बाल बच गए थे। अगले दिन कानन पेंडारी जू और जंगल सफारी की 10 सदस्यीय टीम ने 1 घंटा 40 मिनट के ऑपरेशन के बाद उसे बेहोश कर पिंजरे में कैद किया था।
अब दूसरा तेंदुआ दिखा, फिर दहशत
ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर के वक्त झिटकी का नान्हूराम चक्रधारी बकरियां चराने दादरखार जंगल गया था। नाले के पास उसे झाड़ियों में एक तेंदुआ बैठा दिखा। वह बकरियां छोड़कर भागा और दो घंटे बाद दो अन्य ग्रामीणों के साथ लौटा तो तेंदुआ जंगल में जा चुका था। इस घटना के बाद पंडरीपानी, झिटकी और आसपास के गांवों में लोग मवेशी लेकर जंगल जाने से कतरा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 5 दिन बाद भी संवेदनशील रास्तों पर वन विभाग ने कोई चेतावनी बोर्ड या बैनर नहीं लगाया। इस पर महासमुंद DFO टी श्रीनिवास ने कहा है कि जल्द ही प्रमुख जगहों पर चेतावनी पोस्टर लगाए जाएंगे और गश्त बढ़ाई जाएगी।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. महासमुंद के झिटकी गांव में तेंदुए ने कितने लोगों पर हमला किया था और उसकी मौत कैसे हुई?
Ans. 3-4 अक्टूबर की रात तेंदुआ घर में घुसकर 9 ग्रामीणों को घायल कर चुका था। रेस्क्यू के दौरान सिर पर गंभीर चोट आई थी, इलाज के लिए जंगल सफारी रायपुर ले जाया गया था जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई।
Q2. क्या इलाके में खतरा टल गया है?
Ans. नहीं, दादरखार जंगल में एक और तेंदुआ दिखने की खबर के बाद पंडरीपानी, झिटकी और आसपास के गांवों में फिर से दहशत है। ग्रामीण जंगल की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
Q3. वन विभाग ने सुरक्षा के लिए क्या कहा है?
Ans. DFO टी श्रीनिवास ने बताया कि संवेदनशील रास्तों पर जल्द चेतावनी पोस्टर लगाए जाएंगे और गश्त बढ़ाई जाएगी। ग्रामीणों ने सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की मांग की है।



