रायपुर। भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने कहा है कि छत्तीसगढ़ बिजली के मामले में सर्वाधिक विश्वसनीय राज्य है। जहां बिजली की उपलब्धता 97.63 प्रतिशत है। जो कि देश में सर्वाधिक है इसके बाद भारतीय जनता पार्टी को आंदोलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अगर भाजपा बिजली को लेकर आंदोलन करती है तो इससे स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी अपनी ही केंद्र सरकार को झूठा ठहराने में लगी हुई।

इसी के साथ जो आंकड़े बिजली विभाग ने दिए हैं कि भाजपा के शासनकाल में पावर कट की घटनाएं ज्यादा होती थी ज्यादा देर तक होती थी। उसे देखते हुए भाजपा के दुष्प्रचार की पोल खुल गयी है। कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा के आंदोलन कि कांग्रेस की सरकार में बिजली कटौती ज्यादा हो रही है उसकी पोल खुल गई है। इस पोल खुलने के बाद अब तो भाजपा को प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए। छत्तीसगढ़ के लोगो को बिजली के मामले में गुमराह करने के लिए भाजपा माफी मांगे।

रमन सरकार में ट्रांसफार्मर और सब स्टेशन में जो घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। सब स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों के जलने के कारण बिजली जाने की घटनाओं से स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी अपने ही कार्यकाल में की गई कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार के कारण हो रही घटनाओं पर आंदोलन कर रही है। भारतीय जनता पार्टी को आज अपने आंदोलन को वापस लेने की घोषणा करना चाहिए और जनता को गुमराह करने के लिए प्रदेश की जनता से क्षमा याचना करना चाहिए। प्रकृति भी भाजपा का साथ नहीं दे रही है। लगातार बारिश हो रही है। भाजपा को इसे भी समझना चाहिए और अपना आंदोलन वापस ले लेना चाहिए।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।