रायपुर नगर निगम ने बड़े संस्थानों और सोसायटियों के लिए CPCB पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया

टीआरपी। रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा महिला सशक्तिकरण के नाम पर बुलाई गई विशेष सामान्य सभा को लेकर राजनीति गर्मा गई है। जहाँ एक ओर सत्ता पक्ष इसे ऐतिहासिक कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्षदों ने इस सभा के एजेंडे पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि शहर की बुनियादी समस्याओं को दरकिनार कर केवल कागजों में सशक्तिकरण की बात की जा रही है।

यह विरोध न केवल राजनीतिक है, बल्कि सीधे तौर पर रायपुर के नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा है। तात्यापारा रोड के चौड़ीकरण, भीषण जल संकट और बुजुर्गों-विधवाओं की रुकी हुई पेंशन जैसे मुद्दे सीधे आम जनता की जेब और जीवन को प्रभावित करते हैं।

सत्ता पक्ष से पूछे गए 6 चुभते सवाल
विशेष सभा के बीच विपक्षी खेमे ने निगम प्रशासन और प्रदेश की ट्रिपल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए निम्नलिखित सवाल दागे हैं:

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तात्यापारा रोड: दशकों से लंबित तात्यापारा रोड चौड़ीकरण के लिए विशेष सभा क्यों नहीं बुलाई गई?

जल संकट व ड्रेनेज: भीषण गर्मी में रायपुर की जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और ड्रेनेज के 220 करोड़ रुपये अब तक लंबित क्यों हैं?

रुकी हुई पेंशन: उन बुजुर्गों और विधवा माताओं का क्या, जो पिछले 6 माह से अपनी 500-600 रुपये की पेंशन के लिए भटक रहे हैं?

महतारी वंदन योजना: विगत 2 वर्षों में योजना में नए नाम क्यों नहीं जुड़े? केवाईसी के नाम पर नाम काटने का खेल क्यों चल रहा है?

संपत्ति कर में छूट के वादे पर घेराव
विपक्ष ने महापौर को उनके चुनावी घोषणा पत्र की याद दिलाते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात तब सार्थक होगी जब महिलाओं के नाम पर संपत्ति कर (Property Tax) में छूट की घोषणा की जाएगी। विपक्ष का कहना है कि अगर सरकार की नीयत वाकई साफ है, तो इस विशेष सभा से ही संपत्ति कर में रियायत देने की शुरुआत होनी चाहिए।

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मुख्य तथ्य

पेंशन का संकट: शहर के हजारों लाभार्थी 6 महीने से सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित हैं।
बजट की कमी: ड्रेनेज सिस्टम के लिए स्वीकृत 220 करोड़ की राशि का अभी तक अता-पता नहीं है।
महतारी वंदन: नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया ठप होने और केवाईसी के नाम पर नाम काटे जाने का आरोप।
चुनावी वादा: महिलाओं के नाम संपत्ति कर में छूट का वादा अब तक अधूरा।

विपक्ष के इन तीखे सवालों के बाद सदन में हंगामे के आसार हैं। अब देखना होगा कि महापौर और निगम प्रशासन इन सवालों का क्या जवाब देते हैं और क्या वाकई शहर की बुनियादी समस्याओं के लिए भी ऐसी ही कोई विशेष सभा भविष्य में बुलाई जाएगी।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।