Raipur e-Challan News: सुप्रीम कोर्ट के लंबित ई-चालानों की वसूली को लेकर सख्त निर्देशों के बाद रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने भी कार्रवाई तेज करने की तैयारी कर ली है। बार-बार यातायात नियम तोड़ने और जुर्माना जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों पर अब गाड़ी से जुड़ी सेवाओं पर रोक लगाने की तैयारी है। इससे बकायादार वाहन मालिकों की मुश्किल बढ़ सकती है।
पुलिस ने ऑटोमोबाइल कारोबारियों, पीयूसी केंद्रों और बीमा कंपनियों को ऐसे वाहनों के संबंध में निर्देश जारी किए हैं, जिन पर लगातार ई-चालान लंबित हैं। कार्रवाई के तहत सर्विसिंग, प्रदूषण जांच और बीमा जैसी सुविधाओं पर रोक लगाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित चालानों की वसूली करना और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर दबाव बढ़ाना है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
लंबित ई-चालानों की वसूली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के तहत जुर्माना जमा नहीं करने वाले वाहनों की जब्ती, पंजीयन प्रमाणपत्र, फिटनेस, पीयूसी, ऑनलाइन वाहन सेवाओं और स्वामित्व हस्तांतरण जैसी सेवाओं पर रोक लगाने की बात कही गई है। बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का भी निर्देश दिया गया है।
95 हजार की बाइक पर 1.77 लाख का जुर्माना
रायपुर में एक बाइक चालक का मामला सामने आया है, जिसे 36 बार ई-चालान भेजा गया। बाइक की कीमत करीब 95 हजार रुपये बताई जा रही है, जबकि उसके खिलाफ अब तक 1.77 लाख रुपये का जुर्माना दर्ज हो चुका है। लापरवाही से वाहन चलाने पर पहली बार दो हजार रुपये और इसके बाद प्रत्येक उल्लंघन पर पांच हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा रहा है।
737 वाहनों पर 44 हजार से ज्यादा दोहराए गए चालान
रायपुर में 737 वाहनों पर 44,175 दोहराए गए चालान दर्ज हैं। इसका मतलब है कि इन वाहनों के चालकों ने एक से अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया है। पुलिस अब ऐसे वाहन मालिकों पर विशेष निगरानी और कार्रवाई की तैयारी कर रही है, क्योंकि लगातार नियम तोड़ने वालों से लंबित जुर्माने की वसूली बड़ी चुनौती बनी हुई है।
चौक-चौराहों पर कम, डिजिटल कार्रवाई पर ज्यादा जोर
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद चौक-चौराहों पर वाहन रोककर कार्रवाई अपेक्षाकृत कम की गई है। इसके बजाय डिजिटल माध्यम से नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ई-चालान भेजने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस की टीम फोटो और वीडियो के जरिए उल्लंघन दर्ज कर उसे कंट्रोल रूम भेजती है, जहां से ई-चालान जारी किया जाता है।
28 चौराहों पर विशेष निगरानी
पुलिस ने डिजिटल निगरानी और कार्रवाई के लिए 28 प्रमुख चौक-चौराहों को चिह्नित किया है। रात के समय नशे में वाहन चलाने और तीन सवारी बैठाने जैसे मामलों पर भी कार्रवाई की जा रही है। नियम उल्लंघन का रिकॉर्ड तैयार होने के बाद वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ई-चालान भेजा जाता है।
रोजाना करीब पांच हजार ई-चालान भेजे जा रहे
रायपुर में रोजाना करीब पांच हजार वाहनों को ई-चालान भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि ई-चालान मिलने के बाद केवल करीब 25 प्रतिशत लोग ही जुर्माना जमा कर रहे हैं। बड़ी संख्या में चालान लंबित रहने के कारण पुलिस अब पुराने बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रही है।
लाखों चालान अभी भी लंबित
रायपुर में करीब 7.43 लाख वाहनों के चालान लंबित बताए गए हैं। इनमें करीब 1.31 लाख चालान अदालत भेजे जा चुके हैं। लंबित चालानों में लगभग 53 प्रतिशत दो साल पुराने बताए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से लगातार संदेश और फोन के जरिए वाहन मालिकों को जुर्माना जमा करने की जानकारी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में चालान बाकी हैं।
हर साल बड़ी संख्या में चालान रह जाते हैं लंबित
आंकड़ों के अनुसार हर साल औसतन करीब 40 प्रतिशत चालान लंबित रह जाते हैं। पुलिस की ओर से रिमाइंडर, नोटिस और संदेश भेजे जाने के बावजूद कई वाहन मालिक जुर्माना जमा नहीं करते। ऐसे मामलों में लोक अदालत के जरिए भी निपटारे का रास्ता उपलब्ध है, जहां पात्र मामलों में जुर्माने की राशि कम होने की संभावना रहती है।
लोक अदालत में भी हो रहा चालानों का निपटारा
लंबित ई-चालानों के मामलों को लोक अदालत में भी रखा जा रहा है। यहां वाहन मालिक का पक्ष सुना जाता है और मामले के अनुसार जुर्माने में राहत दी जा सकती है। इसी वजह से कई वाहन मालिक लोक अदालत के माध्यम से पुराने चालानों का निपटारा करा रहे हैं। पुलिस अब डिजिटल कार्रवाई के साथ वसूली पर भी जोर दे रही है।




