Rahul Gandhi Bastar Visit: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वे बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों और किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। दौरे की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।
कांग्रेस इस प्रस्तावित दौरे के जरिए बोधघाट परियोजना से जुड़े विस्थापन और आदिवासी अधिकारों का मुद्दा उठाना चाहती है। पार्टी का कहना है कि बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए वह स्थानीय ग्रामीणों के साथ खड़ी है।
बोधघाट परियोजना से प्रभावित लोगों से मिलेंगे राहुल गांधी
दीपक बैज के मुताबिक, राहुल गांधी बस्तर पहुंचकर परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों और किसानों से सीधे बातचीत करेंगे। कांग्रेस का मानना है कि परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं और आदिवासी अधिकारों के सवाल पर चर्चा जरूरी है। बैज ने आशंका जताई कि बोधघाट परियोजना से स्थानीय जनजातीय समुदाय की आजीविका और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
सुखदेव भगत के दौरे के बाद राहुल गांधी का कार्यक्रम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत हाल ही में बस्तर का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर बोधघाट परियोजना को लेकर उनकी चिंताओं को जाना था। अब राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे में प्रभावित लोगों से सीधे संवाद करने की योजना है। हालांकि, राहुल गांधी के बस्तर प्रवास की तारीख और कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
चार महीने पहले रायपुर आए थे राहुल गांधी
राहुल गांधी इससे पहले जून 2026 में रायपुर आए थे। उस दौरान उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। प्रशिक्षण के दौरान कांग्रेस नेताओं के साथ चाय पीते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आई थीं। अब प्रस्तावित बस्तर दौरे में उनका फोकस बोधघाट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से बातचीत पर रहने की बात कही गई है।
बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर पर भी बोले दीपक बैज
पत्रकार वार्ता में दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली उत्पादन में सरप्लस होने के बावजूद राज्य को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। बैज ने कहा कि अघोषित बिजली कटौती से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को जनविरोधी बताते हुए दावा किया कि उपभोक्ता अधिक बिल आने और मीटर की तेज रीडिंग की शिकायत कर रहे हैं। बैज के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग के समर्थन में सहमति पत्र भरवा रहे हैं। पार्टी ने इस अभियान को जनता का समर्थन मिलने का दावा भी किया है।



