Heavy rain and thunderstorm over Raipur and Chhattisgarh under IMD weather alert
IMD has issued a heavy rain and thunderstorm warning for several parts of Chhattisgarh on September 3.

CG Weather Update: देशभर में मानसून का असर एक बार फिर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार 2 सितंबर को जारी ताजा पूर्वानुमान में 3 सितंबर के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश, बिहार सहित देश के कई हिस्सों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ में भी 3 सितंबर को भारी बारिश के साथ आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के रायपुर केंद्र ने छत्तीसगढ़ के लिए 3 सितंबर को भारी बारिश तथा Thunderstorm और Lightning की चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

रायपुर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम की गतिविधियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। बलरामपुर, सरगुजा, मनेंद्रगढ़, सूरजपुर, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, कोरबा और महासमुंद सहित कई इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है। बारिश के साथ तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। मौसम संबंधी रिपोर्टों में हवा की रफ्तार करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। ऐसी स्थिति में कमजोर पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।

बंगाल की खाड़ी से बन रहे सिस्टम का असर
देश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के आसपास बने कम दबाव और चक्रवाती परिसंचरण का असर मध्य और पूर्वी भारत के मौसम पर पड़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण और अन्य मौसमी सिस्टम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति पैदा कर रहे हैं। यही कारण है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियों का खतरा बना हुआ है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पहाड़ी सड़कों पर बारिश के दौरान पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। हाल के पूर्वानुमानों में कई राज्यों के लिए फ्लैश फ्लड का जोखिम भी बताया गया है।

बिजली गिरने और तेज हवाओं से सतर्क रहने की जरूरत
छत्तीसगढ़ में 3 सितंबर को केवल बारिश ही नहीं, बल्कि गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। आंधी के दौरान बड़े पेड़ों की शाखाएं टूटकर गिर सकती हैं। सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। तेज हवा चलने पर कमजोर होर्डिंग्स और अस्थायी संरचनाएं भी खतरा पैदा कर सकती हैं।

किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए किसानों को खेतों और फसलों की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। लगातार तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। वहीं यात्रा करने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट जरूर जांचने चाहिए। बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क मार्ग पर दृश्यता कम हो सकती है।

इन जिलों में भी अलर्ट
3 सितंबर को उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।