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खबर का असर: अब DB गर्ल्स कॉलेज में बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं, टीआरपी ने उठाया मुद्दा

राजधानी के कालीबाड़ी स्थित शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय यानी DB गर्ल्स कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मामला सामने आने के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग ने व्यवस्थाओं में सुधार की पहल की है। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को कॉलेज की छात्राओं ने पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्या को […]

खबर का असर: अब DB गर्ल्स कॉलेज में बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं, टीआरपी ने उठाया मुद्दा
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

राजधानी के कालीबाड़ी स्थित शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय यानी DB गर्ल्स कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मामला सामने आने के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग ने व्यवस्थाओं में सुधार की पहल की है। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को कॉलेज की छात्राओं ने पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया था।

टीआरपी ने उठाया मुद्दा

छात्राओं की शिकायत थी कि उन्हें कॉलेज परिसर में पीने के लिए स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। इस मुद्दे को टीआरपी ने प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद अब कॉलेज में छात्राओं की सुविधाएं बढ़ाने और परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन ने उच्च शिक्षा संचालनालय को प्रतिवेदन भेजकर आवश्यक सुधार कार्यों और भावी योजनाओं की जानकारी दी है।

60 साल पुराना मुख्य भवन, पुनरुद्धार के लिए भेजा प्रस्ताव

कॉलेज का मुख्य भवन लगभग छह दशक पुराना हो चुका है। प्रतिवेदन के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस भवन को डिस्मेंटल करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, महाविद्यालय प्रशासन ने पूरे परिसर के विस्तृत नवीनीकरण के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय को विशेष प्रस्ताव भेजा है। अब भवन से संबंधित आगे की कार्रवाई और प्रस्ताव पर निर्णय महत्वपूर्ण होगा। पुराने भवन के मामले में विभागीय प्रक्रिया के आगे बढ़ने से परिसर की आधारभूत संरचना में बदलाव की संभावनाएं बन सकती हैं।

छात्राओं की स्वच्छता के लिए तीन नई मशीनें लगाने की तैयारी

महाविद्यालय में छात्राओं की व्यक्तिगत स्वच्छता और दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन नई सैनिटरी वेंडिंग एवं डिस्पोजल मशीनें स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, रायपुर के साथ समन्वय किया जा रहा है। कॉलेज की पुरानी सैनिटरी वेंडिंग मशीन अनुपयोगी हो चुकी है, जिसके बाद नई मशीनों की व्यवस्था की पहल की गई है। प्रशासन के अनुसार, इन्हें जल्द स्थापित करने की योजना है। इससे छात्राओं को परिसर में स्वच्छता संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

सात वाटर कूलर, खराब मशीन की मरम्मत जारी

पेयजल व्यवस्था के तहत कॉलेज परिसर में सात वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें से एक वाटर कूलर खराब होने के कारण उसकी मरम्मत कराई जा रही है। स्वच्छता और हाइजीन को ध्यान में रखते हुए वाटर कूलर के पास गिलास नहीं रखे गए हैं। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि पेयजल व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक सुधार कार्य किए जा रहे हैं।

कक्षाओं, शौचालयों और लाइब्रेरी पर भी ध्यान

छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से कॉलेज के सभी कमरों में पर्याप्त पंखे और ट्यूब लाइट उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। तकनीकी खराबी आने पर मरम्मत कराई जाती है। इसके अलावा, कक्षाओं और शौचालयों की नियमित साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

Nikhil Singh
लेखक / पत्रकार:

Nikhil Singh

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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