Kharun river Durga Visarjan: राजधानी रायपुर में आगामी त्योहारों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर शुरू हो चुकी हैं। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी दुर्गा विसर्जन खारून नदी स्थित महादेवघाट पाटन पुलिया के पास बनाए गए विशेष विसर्जन कुंड में ही संपन्न किया जाएगा।
पर्यावरण सुरक्षा और व्यवस्थित संचालन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम ने सभी जरूरी प्रबंधों को समय पर पूरा करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जोन 8 कमिश्नर को सौंपी गई मुख्य जिम्मेदारी
विसर्जन स्थल पर प्रकाश व्यवस्था (लाइट), क्रेन, स्टेज, लाउडस्पीकर, पेयजल और साफ-सफाई जैसी तमाम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल को सौंपी गई है। इसके अलावा, सुचारू संचालन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की तीन पालियों में 8-8 घंटे की चक्रानुसार ड्यूटी लगाई गई है, जो 20 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 25 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक निरंतर अपनी सेवाएं देंगी।
एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन
नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त संबित मिश्रा द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पाबंद किया गया है। खारून नदी के मुख्य जल स्रोत को प्रदूषित होने से बचाने और नदी में सीधी मूर्ति विसर्जन पर लगे प्रतिबंध का पालन कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
दशहरा उत्सव के लिए भी व्यापक प्रबंध
20 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव (रावण पुतला दहन) के लिए भी शहर के प्रमुख स्थलों पर व्यापक प्रशासनिक प्रबंध किए गए हैं। रावणभाठा और डब्ल्यू. आर. एस. कॉलोनी के साथ-साथ चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड (स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास) में होने वाले कार्यक्रमों के लिए संबंधित जोन कमिश्नरों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष समिति का गठन
दशहरा उत्सव और दुर्गा माता मूर्ति विसर्जन की संपूर्ण व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त स्वास्थ्य श्री जसदेव सिंह बाबरा, विभिन्न जोन के कमिश्नर और प्रमुख अभियंता स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समिति पंडाल (शामियाना), बिजली, माइक, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं का समन्वय करेगी।
मूर्ति विसर्जन से पहले पूजन सामग्री अलग करने के निर्देश
प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार, विसर्जन स्थल पर पहुंचने वाली मूर्तियों से विसर्जन से पूर्व पूजन सामग्री को अलग कर निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। स्थायी विसर्जन कुंड स्थल से विसर्जन के बाद बचा मलबा, बांस-बल्लियां और अन्य सामग्रियां 24 घंटे के भीतर बाहर निकाली जाएंगी, ताकि जल की शुद्धता बनी रहे और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न न हो। ध्वनि और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया गया है।
अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष जोर
शहरी इलाकों में आयोजित होने वाले रावण दहन और विसर्जन कार्यक्रमों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला कमांडेंट होमगार्ड और अग्निशमन दल को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कार्यक्रम स्थलों और विसर्जन कुंड के आसपास तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के भी पुख्ता निर्देश दिए गए हैं।
सुगम यातायात के लिए पुलिस कमिश्नरेट से समन्वय
प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे शासन और एनजीटी द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करें और निर्धारित विसर्जन कुंड का ही उपयोग करें। यातायात को सुचारू बनाए रखने और जाम की स्थिति से बचने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के साथ मिलकर रूट चार्ट और पार्किंग व्यवस्था तैयार की गई है। अधिकारियों की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र में रहकर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करेंगी ताकि उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।


