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Raipur Ghee Sample Test: घी के नाम पर क्या बिक रहा? 12 में 6 सैंपल फेल, कई ब्रांड में ज्यादा लेड

Raipur Ghee Sample Test: रायपुर में बिक रहे घी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के अलग-अलग इलाकों से घी के 12 सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजे थे। मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट में 6 सैंपल निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए […]

Raipur Ghee Sample Test: घी के नाम पर क्या बिक रहा? 12 में 6 सैंपल फेल, कई ब्रांड में ज्यादा लेड
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Raipur Ghee Sample Test: रायपुर में बिक रहे घी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के अलग-अलग इलाकों से घी के 12 सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजे थे। मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट में 6 सैंपल निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें अमूल, देवभोग, वचन, कीर्ति गोल्ड प्योर काऊ घी, देशी घी धौलपुर और वास्तु एगमार्क घी शामिल हैं।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी 6 सैंपल में लेड की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक मिली। वास्तु एगमार्क घी के सैंपल में लेड के अलावा बीआर रीडिंग और आयोडीन वैल्यू भी अधिक मिली। इसमें वनस्पति फैट की मौजूदगी भी सामने आई है।

15 से 30 अगस्त के बीच लिए गए थे सैंपल

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 15 से 30 अगस्त के बीच रायपुर के अलग-अलग इलाकों से घी के नमूने लिए थे। इनमें डूंडा-कौशल्या विहार, डूमरतराई, टेमरी और गोबरा नवापारा शामिल हैं। सैंपल एवेन्यू सुपर मार्केट, बालाजी ट्रेडिंग, मयंक ट्रेडिंग, मयंक एजेंसी और शुभम् मार्ट से लिए गए थे। इन नमूनों को जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजा गया था।

किस घी में कितना लेड मिला?

दिए गए जांच आंकड़ों के अनुसार घी में लेड की मानक मात्रा 0.02 mg/kg बताई गई है। इसके मुकाबले अलग-अलग सैंपल में लेड की मात्रा इस तरह मिली—

ब्रांडलेड की मात्रा
अमूल0.037 मिलीग्राम/किग्रा
देवभोग0.035 मिलीग्राम/किग्रा
देशी घी धौलपुर0.043 मिलीग्राम/किग्रा
वचन0.161 मिलीग्राम/किग्रा
कीर्ति गोल्ड0.192 मिलीग्राम/किग्रा
वास्तु एगमार्क0.154 मिलीग्राम/किग्रा

इन आंकड़ों में कीर्ति गोल्ड सैंपल में लेड की मात्रा सबसे ज्यादा 0.192 मिलीग्राम/किग्रा दर्ज की गई है। दी गई रिपोर्ट के मुताबिक यह निर्धारित 0.02 mg/kg सीमा से 10 गुना से भी ज्यादा है।

विशेषज्ञ ने लंबे समय तक अधिक लेड के सेवन को बताया नुकसानदायक

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र नायक के मुताबिक, खाद्य पदार्थ में तय सीमा से अधिक लेड पाया जाना गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा की चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अधिक मात्रा में लेड का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसका असर किडनी और मस्तिष्क सहित शरीर के विभिन्न अंगों पर पड़ सकता है।

विभाग बोला- रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

फूड एंड सेफ्टी, रायपुर के अभिहित अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों से घी के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में अमूल, देवभोग, वचन समेत छह सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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