Raipur Water logging: राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और शासन के आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी है। मौसम विभाग द्वारा चार दिन पहले ही लगातार बारिश की चेतावनी दी जा रही थी, इसके बावजूद प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए।
पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
कई इलाकों में घरों में घुसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
रायपुर के भाटागांव, रायपुरा, महादेवघाट, शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी, सुंदर नगर और तेलीबांधा सहित कई निचले इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। कई परिवारों को रातभर जागकर अपने सामान और परिवार की सुरक्षा करनी पड़ी, तो कईयों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
विकास उपाध्याय ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जब शासन को 48 घंटे से अधिक बारिश का पूर्व अनुमान था, तब प्रशासन हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठा रहा? उन्होंने छत्तीसगढ़ की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसी भी इंजन के पास राहत कार्यों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।

सड़कों पर गड्ढे और निगम पर अवैध वसूली के आरोप
विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि शहर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। जनता जलभराव और बदहाल व्यवस्था से परेशान है, लेकिन नगर निगम की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल टैक्स और अवैध वसूली तक सीमित रह गई है।
तत्काल राहत कार्य और स्थायी समाधान की मांग
कांग्रेस नेता ने मांग की है कि सरकार प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज करे। पानी निकालने के लिए पर्याप्त पंप लगाए जाएं और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि जनता को इस तरह के संकट का सामना न करना पड़े।
- भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी प्रशासन द्वारा समय पर जल निकासी के इंतजाम न करना मुख्य वजह है।
- रायपुर के भाटागांव, रायपुरा, महादेवघाट, शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी, सुंदर नगर और तेलीबांधा सहित कई इलाकों में पानी घुसा है।
- पूर्व संसदीय सचिव और कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
- पूर्व संसदीय सचिव ने आरोप लगाया कि पूर्व अनुमान के बावजूद प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की और ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार जनता को संकट में छोड़कर मदमस्त है।
- प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य शुरू करने, पानी निकालने के लिए पंप लगाने और जलभराव के स्थायी समाधान की मांग की गई है।



