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भगवान श्रीराजीवलोचन के 12 मासी पर्वों का दिव्य श्रृंगार दर्शन बना आस्था का केंद्र

भगवान श्रीराजीवलोचन के 12 मासी पर्वों का दिव्य श्रृंगार दर्शन बना आस्था का केंद्र
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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टीआरपी। राजिम कुंभ कल्प मेला में इस वर्ष श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराजीवलोचन के 12 मासी पर्वों के विशेष श्रृंगार दर्शन करने का सौभाग्य मिल रहा है। मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भगवान के विभिन्न स्वरूपों को चित्रों के माध्यम से जीवंत किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम में आयोजित होने वाला यह मेला राज्य की सांस्कृतिक पहचान है। 12 मासी श्रृंगार के माध्यम से नई पीढ़ी और बाहर से आने वाले पर्यटकों को भगवान के वर्ष भर होने वाले उत्सवों और प्राचीन परंपराओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिल रही है।

बाल रूप से अन्नकूट तक के दर्शन

श्रृंगार दर्शन में भगवान के बाल रूप, वृद्ध रूप, और युवा रूप के साथ-साथ बसंत पंचमी, होली, राम नवमी, रथयात्रा, और दीपावली जैसे प्रमुख पर्वों के स्वरूपों को अत्यंत श्रद्धा के साथ चित्रित किया गया है। श्रद्धालु यहाँ जल क्रीड़ा एकादशी, श्रावण झूला, और मोहनी रूप (रक्षाबंधन) जैसे अलौकिक दृश्यों को देखकर भाव-विभोर हो रहे हैं।

पौराणिक महत्व: राजा रत्नाकर की तपस्थली

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सत्ययुग में राजा रत्नाकर ने इस पवित्र भूमि पर महान यज्ञ किया था। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु स्वयं प्रकट हुए और राजा के वरदान स्वरूप यहाँ श्रीराजीवलोचन के रूप में सदा के लिए विराजमान हो गए। तभी से इस 'कमलक्षेत्र' को आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

  • प्रदर्शनी स्थल: श्रीराजीवलोचन मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार।
  • प्रमुख स्वरूप: बाल, युवा और वृद्ध रूप सहित 12 महीनों के विशेष पर्व।
  • धार्मिक मान्यता: भगवान विष्णु के स्वरूप और कमलक्षेत्र के अधिष्ठाता देव।
  • विशेष आकर्षण: श्रावण झूला, नागपंचमी और दशहरा पर्व का दिव्य चित्रण।

राजिम कुंभ कल्प के समापन तक यह श्रृंगार प्रदर्शनी जारी रहेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि आगामी शाही स्नान के दिनों में इन दिव्य दर्शनों का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में और भी अधिक बढ़ोतरी होगी।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

राजनीति एवं समसामयिक मामलों के संवाददाता

छत्तीसगढ़ व राष्ट्रीय राजनीति, विधानसभा सत्र एवं चुनावी समीकरणों पर बारीक नज़र।

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