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नितिन नबीन को रामविचार नेताम ने भेंट किया ये खास तोहफा, छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़ा है कनेक्शन

Ramvichar Netam meets Nitin Nabin: छत्तीसगढ़ के कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा केंद्रीय कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से सौजन्य भेंट की। इस दौरान नेताम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और लोक परंपरा का प्रतीक पारंपरिक फटका भेंट कर उनका अभिनंदन […]

Ramvichar Netam meets BJP national president Nitin Nabin in New Delhi
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Ramvichar Netam meets Nitin Nabin: छत्तीसगढ़ के कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा केंद्रीय कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से सौजन्य भेंट की। इस दौरान नेताम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और लोक परंपरा का प्रतीक पारंपरिक फटका भेंट कर उनका अभिनंदन किया। दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी आत्मीय चर्चा हुई।

पारंपरिक फटका भेंट कर किया अभिनंदन

मुलाकात के दौरान रामविचार नेताम ने नितिन नबीन को छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति से जुड़ा पारंपरिक फटका भेंट किया। इसके जरिए उन्होंने प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और पीढ़ियों से चली आ रही लोक परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत की। नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति प्रदेश की पहचान और गौरव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां की लोक परंपराएं, कला, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत लंबे समय से सामाजिक जीवन को समृद्ध करती रही हैं।

छत्तीसगढ़ से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा

सौजन्य भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। नेताम ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन को शुभकामनाएं दीं। नितिन नबीन जनवरी 2026 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। इसके बाद से वे संगठनात्मक स्तर पर विभिन्न राज्यों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। मुलाकात में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और प्रदेश की जनजातीय परंपराओं की विशिष्टता को सामने रखने का संदेश भी प्रमुख रहा।

आदिवासी संस्कृति को बताया छत्तीसगढ़ की पहचान

रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश की आदिवासी संस्कृति केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। लोक कला, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली इसकी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ या अन्य संगठनों से जुड़े किसी व्यक्ति की मौजूदगी की जानकारी इस प्रेस नोट में नहीं दी गई है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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