सरगुजा/लखनपुर। प्रदेश सरकार मंच से दावा कर रही है कि राज्य में हर रोज डेढ़ हजार प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत में PM आवास के हितग्राही पिछले 7 महीने से अपनी किस्त का इंतजार करते-करते थक गए हैं। किस्त नहीं मिलने से कई मकान आधे-अधूरे पड़े हैं तो कई हितग्राही उधारी का कर्ज चुकाने के लिए परेशान हैं।
लखनपुर नगर पंचायत में PM आवास योजना के सैकड़ों मकान स्वीकृत हैं। हितग्राहियों ने सोचा था सरकार पैसा देगी, तो उन्होंने स्थानीय दुकान से उधारी में छड़, सीमेंट, ईंट, रेत ले ली और मकान खड़ा कर लिया। अब 7 महीने से किस्त नहीं आई है। दुकानदार रोज तकादा कर रहे हैं।
एक हितग्राही ने बताया – “मकान तो बना लिया, लेकिन अब दुकान वाले को क्या जवाब दें। ब्याज पर पैसा लेकर चुका रहे हैं।”
दूसरी तरफ जिनके पास उधारी लेने की हिम्मत नहीं थी, उन्होंने मकान का काम ही बीच में रोक दिया है। दीवारें आधी बनी हैं, छत नहीं पड़ी है, और परिवार टूटे-फूटे घर में रहने को मजबूर है।
कार्यालय के चक्कर, जवाब नहीं
हितग्राही रोज नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वहां जवाब मिलता है – पैसा हमारे हाथ में नहीं है, शासन स्तर से सीधे खाते में आएगा। हमने जियो टैगिंग और फाइल भेज दी है।
लेकिन सवाल यही है कि फाइल भेजे 7 महीने हो गए, पैसा कब आएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
पुराने 35 हितग्राही भी परेशान
सिर्फ नए आवास ही नहीं, पुराने चरण के 35 हितग्राहियों की किस्त भी अटकी है। उनकी जियो टैगिंग हो चुकी है, फोटो अपलोड हो चुका है, फिर भी किस्त नहीं आई।
कारण बताया जा रहा है कि PM आवास देखने वाले TLDC कर्मचारी का ट्रांसफर हो गया है। उसके जाने के बाद फाइलों का काम ठप पड़ गया है।
CMO ने क्या कहा?
नगर पंचायत लखनपुर के CMO विद्यासागर चौधरी ने माना कि TLDC कर्मचारी के स्थानांतरण से भुगतान प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा – “हमने मंत्री जी को अवगत करा दिया है, जल्द व्यवस्था कर भुगतान शुरू कराया जाएगा।”
योजना का मकसद फेल?
PM आवास योजना का मकसद गरीब को पक्की छत देना है, लेकिन भुगतान में 7 महीने की देरी ने गरीब को कर्जदार बना दिया है। सरकार 1500 आवास रोज बनने का आंकड़ा तो दिखा रही है, लेकिन सरगुजा के लखनपुर में वो आवास कर्ज और अधूरे निर्माण की कहानी कह रहे हैं।



