Mahadev Betting App Case: महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सोमवार को दिल्ली की सीबीआई अदालत में पेश किया गया। ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाए गए सौरभ को अब ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाने की तैयारी की जा रही है। उसे सोमवार को ही छत्तीसगढ़ की अदालत में पेश किया जाएगा। सौरभ की गिरफ्तारी को महादेव सट्टा एप मामले की जांच में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ओमान से सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के बाद गिरफ्तार किया है। दिल्ली की अदालत में पेशी के बाद अब जांच एजेंसी उसे रायपुर लाने की प्रक्रिया में जुटी है। यहां विशेष अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सौरभ से पूछताछ में सट्टा कारोबार के नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और कथित संरक्षण देने वालों से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया सौरभ
सौरभ चंद्राकर पर महादेव ऑनलाइन बुक के नाम से सट्टा एप संचालित करने और इसके जरिए बड़े पैमाने पर अवैध रकम जुटाने का आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कारोबार में 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का आरोप सामने आया है। 2022 में भिलाई से निकलने के बाद वह दुबई में रह रहा था। बाद में जांच एजेंसियों का दबाव बढ़ने पर ओमान पहुंच गया था।
दिल्ली में पेशी के बाद रायपुर लाने की तैयारी
ओमान में सौरभ की पहचान और नागरिकता को लेकर भी जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। भारतीय अदालत के गिरफ्तारी वारंट और इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर उसके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हुआ। अब दिल्ली की सीबीआई अदालत में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी कर उसे छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। रायपुर में पेशी के बाद जांच एजेंसी उससे पूछताछ कर सकती है।
508 करोड़ रुपये के बारे में भी होगी पूछताछ
महादेव सट्टा एप मामले में सबसे गंभीर आरोप सरकारी संरक्षण के बदले करोड़ों रुपये दिए जाने को लेकर हैं। शुभम सोनी ने वर्ष 2023 में एक ईमेल के जरिए अधिकारियों और राजनेताओं को करोड़ों रुपये की कथित संरक्षण राशि देने का दावा किया था। इसी ईमेल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप भी लगाया गया था। इस मामले की जांच अभी जारी है। इन आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।



