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सुघ्घर छत्तीसगढ़: सीएम साय का नया मिशन, 23 जिलों में योजनाओं की होगी हैंड-टू-हैंड डिलीवरी

सुघ्घर छत्तीसगढ़: सीएम साय का नया मिशन, 23 जिलों में योजनाओं की होगी हैंड-टू-हैंड डिलीवरी
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की झंझट खत्म होने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बड़ा दांव खेला है। प्रदेश में जल्द ही सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इसका सीधा मकसद है कि सरकारी स्कीमों का लाभ फाइल में नहीं, बल्कि सीधे लोगों की जेब तक पहुंचे।

सीएम साय ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया है कि जब तक आखिरी पंक्ति में खड़े आदमी को हक नहीं मिलेगा, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अधूरा है।

23 जिलों में चलेगा बड़ा अभियान

सरकार ने इस मिशन के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के कुल 23 जिलों को चुना है। यहां सरकारी योजनाओं का जाल बिछाया जाएगा। इस अभियान के तहत सरकार की 31 बड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं को चुना गया है।

नियद नेल्लानार का फॉर्मूला करेगा काम

सूत्रों की मानें तो सरकार इस अभियान को 'नियद नेल्लानार' योजना की तर्ज पर आगे बढ़ाएगी। बस्तर में मिली कामयाबी के बाद सरकार अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का मन बना चुकी है। अलग-अलग विभागों के अफसर अब एक साथ बैठकर काम करेंगे। यानी, अब एक फाइल के लिए आपको दस टेबल नहीं घूमना पड़ेगा।

रियल-टाइम ट्रैकिंग से बढ़ेगी जवाबदेही

इस पूरे अभियान की सबसे खास बात इसकी मॉनिटरिंग है। सरकार ने इसके लिए तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। हर योजना की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। काम में ढिलाई हुई तो जवाब भी देना होगा। मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि अब काम की रफ्तार भी बढ़ेगी और सिस्टम में पारदर्शिता भी आएगी।

सरकार का मानना है कि जब गांव के आखिरी छोर तक सरकारी लाभ पहुंच जाएगा, तभी सही मायनों में हमारा छत्तीसगढ़ सुघ्घर बनेगा। अब देखना होगा कि अफसरों की टीम इस मिशन को ग्राउंड पर कितनी तेजी से उतारती है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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