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जहर खाकर आत्महत्या को सर्पदंश से मौत का मामला बताया, मामला उजागर होने पर डेढ़ साल बाद कब्र खोदकर निकाला गया शव

जहर खाकर आत्महत्या को सर्पदंश से मौत का मामला बताया, मामला उजागर होने पर डेढ़ साल बाद कब्र खोदकर निकाला गया शव
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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0 महिला डॉक्टर, वकील और परिजन पर दर्ज हो चुकी है FIR

बिलासपुर। जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र में आत्महत्या के एक मामले को सांप काटने की घटना बताकर सरकारी योजना से आर्थिक लाभ उठाने की साजिश का खुलासा पिछले महीने हुआ था। 18 महीने पहले हुई इस संदिग्ध मौत के पुख्ता सबूत इकट्ठा करने के लिए पुलिस ने शनिवार को मुक्तिधाम की जमीन खुदवाकर कंकाल बाहर निकाला और उसे दोबारा जांच के लिए सिम्स भेज दिया।

फर्जी पीएम रिपोर्ट किया था तैयार

यह मामला पोड़ी निवासी शिवकुमार धृतलहरे (36 वर्ष) की मौत का है। 12 नवंबर 2023 को उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। अस्पताल ले जाने पर मौत होने के बाद महिला डॉक्टर, वकील और कुछ एजेंटों ने मिलकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर दी। रिपोर्ट में मौत की वजह ‘सांप के काटने’ को बताया गया, जिससे मामला प्राकृतिक मौत का बने

मुआवजे के तौर पर मिले 4 लाख रुपए

फर्जी रिपोर्ट के आधार पर शासन की योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता की राशि 4 लाख रुपए निकाले गए और उसका गबन कर लिया गया। बाद में जब पुलिस को मामले में गड़बड़ी की आशंका हुई तो जांच आगे बढ़ाई गई।

फॉरेंसिक एक्सपर्ट की ली जाएगी मदद

लंबी जांच के बाद कोर्ट से निर्देश लेकर शनिवार को बिल्हा पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुक्तिधाम की जमीन खुदवाकर शिवकुमार धृतलहरे का कंकाल बाहर निकाला। अवशेषों को सिम्स की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा गया है, जहां अब फोरेंसिक जांच की जाएगी। साथ ही मृतक के बिसरा को भी जब्त कर लैब भेजा जाएगा। मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की गई है। 

बता दें कि फर्जी रिपोर्ट और राशि के गबन मामले में अब तक वकील कामता प्रसाद साहू, सिम्स की डॉक्टर प्रियंका सोनी समेत अन्य आरोपियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।  

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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