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‘मनी हाईस्ट’ के चोरों के किरदार बनकर रायपुर में ड्रग्स की सप्लाई, ‘प्रोफेसर’ था पैडलर्स का लीडर

‘मनी हाईस्ट’ के चोरों के किरदार बनकर रायपुर में ड्रग्स की सप्लाई, ‘प्रोफेसर’ था पैडलर्स का लीडर
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। राजधानी में ड्रग्स सप्लाई का बड़ा रैकेट पुलिस की पकड़ में आया है। पुलिस काफी दिनों से राजधानी में कोकीन और एमडीएमए बेचने वालों की तलाश में थी। लंबी मशक्कत के बाद चार लोगों का एक गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जो मशहूर वेब सीरीज ‘मनी हाईस्ट’ से आईडिया लेकर ये ड्रग तस्कर अपने नाम बदलकर ड्रग की सप्लाई कर रहे थे। दिल्ली और मुंबई से ड्रग लाकर रायपुर और आसपास के इलाकों में दोगुने दाम पर बेच रहे थे। ‘प्रोफेसर’ इन सभी का मास्टरमाइंड था, जो ड्रग डिमांड और सप्लाई के पूरे नेटवर्क को संभाल रहा था। चार ड्रग पैडलर्स में दिल्ली का एक युवक महेश सिंह खड़गा (29) भी शामिल है, जो दिल्ली से ड्रग लाकर रायपुर में आयुष अग्रवाल उर्फ प्रोफेसर को देता था। रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के नारकोटिक्स सेल को यह कामयाबी मिली है। महेश और आयुष के अलावा पुलिस ने अवंति विहार की कुसुम हिंदुजा (23) और चिराग शर्मा (25) को गिरफ्तार किया है। कुसुम और चिराग के जरिए ही पुलिस आयुष और महेश तक पहुंची थी।

इस गिरोह के बारे में एडिशनल एसपी संदीप मित्तल ने बताया कि  रायपुर के खम्हारडीह इलाके के धोतरे मैरिज गार्डन में दो लोग रुके हैं जो ड्रग्स बेच रहे हैं। नारकोटिक्स सेल की टीम मौके पर पहुंची और दोनों की तलाशी ली तो दोनों के पास से एमडीएमए मिला। दोनों ने अपना नाम कुसुम और चिराग बताया। पूछताछ में पत चला कि उनका एक साथी आयुष अग्रवाल सेमरॉक ग्रीन होटल और दूसरा साथी रायपुर में ही कहीं रुका है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों के बारे में पतासाजी की तो पता चला कि दोनों सेमरॉक ग्रीन होटल में ही रुके हैं। दोनों से पूछताछ की गई तो पता चला कि चारों ने एग गिरोह बनाया हुआ है जो घूम-घूम कर कोकीन और एमडीएमए बेचताा है। महेश दिल्ली का है जो आयुष को ड्रग्स लाकर देता है। आयुष ने अपने अंडर में दो पैडलर कुसुम और चिराग को रखा हुआ था, जो लोगों से डिमांड मिलने पर ड्रग सप्लाई करते थे।  

डीएसपी क्राइम संजय सिंह ने बताया कि चारों अपनी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए अपने नामों को बदला हुआ था। मनी हाईस्ट सीरीज के नाम अपने नाम जैसे प्रोफेसर (आयुष अग्रवाल), लूसीफर (कुसुम हिंदुजा), बर्लिन रखा हुआ था। इन्हीं नामों से एक दूसरे को बुलाते थे। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17 अलग - अलग छोटे जिप पॉलिथीन में रखें 2100 मिलीग्राम एमडीएमए और 6600 मिलीग्राम कोकिन, 1 नग इलेक्ट्रानिक तराजू, 8 मोबाईल फोन, 86 हजार रुपए नगद, 3 नग सोने की चैन, लैपटॉप, आई.पेड, एटीएम कार्ड, और ऑडी कार मिली है। कार दिल्ली की रजिस्टर्ड है। आरोपियों के खिलाफ खम्हारडीह थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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