रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके, और पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के केस की जांच राज्य के एजेंसी ईओडल्यू-एसीबी से ट्रांसफर कर सीबीआई को सौंपने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।

आज इस मामले में चीफ जस्टिस डीवाय चंद्रचुड़ की पीठ में सुनवाई हुई। पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह, और उनकी पत्नी यास्मिन सिंह ने आय से अधिक संपत्ति केस की ईओडब्ल्यू-एसीबी की जांच को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें झूठा फंसाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष जांच के लिए प्रकरण सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया।

ईओडब्ल्यू-एसीबी के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि जो तर्क याचिकाकर्ता की तरफ से दिए जा रहे हैं। उस पर सुप्रीम कोर्ट में पहले भी बहस हो चुकी है। सिब्बल ने याचिकाकर्ता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कहा कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के सबूत मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद चीफ जस्टिस की पीठ ने प्रकरण पर हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। साथ ही उन्होंने याचिका को भी खारिज कर दिया। बता दें कि याचिकाकर्ता अमन सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी, और पी सुंदरम ने पैरवी की।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।