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Bhanupratappur Election : कांग्रेस-भाजपा के बीच भारी न पड़ जाएं सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी अकबर, आदिवासी समाज को दिलाया जा रहा शपथ चर्चा में VIDEO

Bhanupratappur Election : कांग्रेस-भाजपा के बीच भारी न पड़ जाएं सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी अकबर, आदिवासी समाज को दिलाया जा रहा शपथ चर्चा में VIDEO
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। आदिवासी बाहुल्य इलाके और पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले भानुप्रतापपुर विधान सभा की सीट वैसे भी आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है मगर इस बार यहां राजनितिक प्रतिद्वंद्विता के बीच आदिवासी समाज से भी एक प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतार दिया गया है। यही वजह है कि यहां का चुनावी मुकाबला अब त्रिकोणीय हो चला है। समाज के प्रत्याशी के समर्थन में आदिवासी नेता गांव-गांव जा रहे हैं और समूह बनाकर लोगों को शपथ दिला रहे हैं। उधर कुछ आदिवासी नेता इस मामले में समाज में फूट डालने का आरोप भी लगा रहे हैं।

भानुप्रतापपुर उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दिवंगत विधायक मोहन मंडावी की पत्नी सावित्री मंडावीको तो भाजपा ने पूर्व विधायक ब्रम्हानंद नेताम को प्रत्याशी बनाया है। वहीं सरकार से नाराज चल रहे सर्व आदिवासी समाज के एक धड़े ने समाज की ओर से पूर्व IPS अधिकारी अकबर राम कोर्राम को बतौर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा है।

दोनों पार्टियों पर समाज की उपेक्षा का आरोप

छत्तीसगढ़ में सोहन पोटाई के नेतृत्व वाले संगठन सर्व आदिवासी समाज को सबसे बड़ा गुट माना जाता है। इसी संगठन ने आरक्षण, पेसा कानून और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार से तनातनी के बाद भानुप्रतापपुर के उप चुनाव में अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा है।

चुनावी प्रचार प्रसार के बीच सर्व आदिवासी समाज द्वारा भानुप्रतापपुर में रैली एवं सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक अरविंद नेताम ने भाजपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों द्वारा बहुसंख्यक आदिवासी नेतृत्व को दरकिनार कर दिया जाता है। वर्तमान में 29 विधायक सरकार में है लेकिन ये गूंगे बहरे बने हुए हैं। इसी बात से मजबूर होकर पहली बार देश में किसी समाज ने अपना प्रत्याशी खड़ा किया है और यह जरूरी भी है। आज इन राष्ट्रीय पार्टियों के अहंकार को तोड़ने के लिए सभी समाज को एकजुट होकर इस चुनाव को जीतकर दिखाना है।

चुनाव प्रचार का अलग अंदाज

सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी अकबर सिंह कोर्राम और अन्य प्रमुख आदिवासी नेताओं की टीम चुनाव प्रचार के लिए गांव-गांव पहुँच रहे हैं। किसी भी गांव में पहुंचने पर सबसे पहले बूढ़ा देव की पूजा की जाती है, फिर लोगों को संबोधित करने का दौर चलता है। आखिर में उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई जाती है कि वे समाज के अपने प्रत्याशी को ही वोट देंगे। इसके अलावा समाज के लोगों से छोटी सी राशि दान के रूप में ली जाती है।

प्रचार के लिए पहुंचे नेताओं का विरोध

सर्व आदिवासी समाज से जुड़े लोग सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि भाजपा के समर्थन में पहुंचने वाले नेताओं का भी विरोध कर रहे हैं। पूर्व में कवासी लखमा का आरक्षण को लेकर विरोध के बाद दूसरे नेताओं का भी काफी विरोध हुआ है। इन घटनाओं का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।

शपथ दिलाये जाने का विरोध

इधर आदिवासी समाज के एक धड़े के पदाधिकारियों ने निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के लिए शपथ दिलाए जाने को गलत बताया है। समाज के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश भास्कर और कंडरा समाज के कोषाध्यक्ष केशव शोरी के अलावा हल्बा समाज के पूर्व अध्यक्ष ने मीडिया को लिखित बयान जारी कर कहा है कि समाज को बांटने की कोशिश हो रही है। समाज की ओर से निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में गांव-गांव में शपथ दिलाये जाने को गलत बताते हुए कहा कि प्रजातंत्र में सभी को निष्पक्ष मताधिकार का अधिकार है। वहीं इस बयान के विरोध में सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जीवन नेताम ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि आदिवासी समाज के समर्थन से चुनाव में उतरे अकबर राम कोर्राम की संभावित जीत को देखते हुए सत्ताधारी दल के द्वारा आदिवासी नेताओं से बयानबाजी करवाई जा रही है।

शपथ को लेकर एसडीएम ने जारी किया नोटिस

वहीं गोंडवाना समाज के सदस्यों को एक प्रत्याशी को वोट देने के लिए शपथ दिलाकर प्रेरित करने का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम भानुप्रतापपुर ने नोटिस जारी किया है। संबंधित लोगों को भेजे गए इस वीडियो को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए नोटिस में कहा गया है कि क्यों न आपके विरूद्ध आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाए।

दल बनाकर लड़ें चुनाव : बघेल

सीएम भूपेश बघेल ने भानुप्रतापपुर उप चुनाव में आदिवासी समाज की राजनीति के मुद्दे पर आज कहा कि अगर राजनीति करना है तो दल बनाकर चुनाव लड़ें। उन्होंने सर्व आदिवासी समाज के नाम पर की जा रही राजनीति की आलोचना की।

बहरहाल भानुप्रतापपुर का उप चुनाव, मतदान के नजदीक आते ही दिलचस्प होता जा रहा है। यहां एक तरफ कांग्रेस पार्टी ने भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम के अनाचार के मामले में आरोपी होने को मुद्दा बनाया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस सरकार की कथित वादाखिलाफी को लेकर जनता से वोट मांग रही है। इससे इतर सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी बनाये गए अकबर राम कोर्राम के समर्थन में अलग अंदाज में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव में जो सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, उनमें कांग्रेस से सावित्री मंडावी, बीजेपी से ब्रह्मानंद नेताम, अंबेडकराइट पार्टी से शिवलाल पुडो, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से घनश्याम जुर्री, राष्ट्रीय जनसभा से डायमंड नेताम, निर्दलीय आदिवासी समाज से अकबर कोर्राम, दिनेश कुमार कल्लो के नाम शामिल हैं। अब देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है।

देखें VIDEO :

https://twitter.com/theruralpress/status/1597933038813708289

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Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

संभागीय प्रमुख व वरिष्ठ संवाददाता

बस्तर व सरगुजा अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों से जनमुद्दों और जनसमस्याओं पर बेबाक रिपोर्टिंग।

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