रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव रविवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश और देश के सुलगते मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। केंद्र सरकार द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 की नक्सल मुक्त भारत की डेडलाइन पर सिंहदेव ने कहा कि यह कोई एक दिन का चमत्कार नहीं है। दशकों की मेहनत और सही रणनीति का परिणाम अब दिख रहा है।
दरअसल, सिंहदेव ने केंद्र के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमने जो बीज बोया और खेत जोता, आज उसकी फसल काटने का समय आया है। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तरी छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) से नक्सलवाद पिछले 5-7 सालों में लगभग खत्म हो चुका था, अब बस दक्षिण (बस्तर) के कुछ हिस्सों में चुनौती बची है।
सिंहदेव ने तंज कसा कि सरकार पहले नक्सलवाद खत्म करने की बात कर रही थी, लेकिन अब पीछे हटकर सिर्फ हिंसक नक्सलवाद खत्म करने की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल अपनी इच्छाशक्ति दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि असली योगदान उन लोगों का है जिन्होंने वर्षों तक जमीन पर काम किया।
छत्तीसगढ़ में 3800 से ज्यादा सिलेंडर जब्त होने पर उन्होंने कहा कि यह बड़ी किल्लत के शुरुआती दिन हैं। रूस से महंगा तेल मिलना आम जनता की जेब पर भारी पड़ेगा। गौरतलब है कि सिंहदेव का यह बयान ऐसे समय आया है जब सुकमा और बीजापुर जैसे इलाकों में फोर्स लगातार ऑपरेशन चला रही है।
सिंहदेव ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की भारी कमी की आशंका जताई है, जिससे आने वाले दिनों में गृहणियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
