CG Politics: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। चुनावों में कथित अनियमितताओं और फर्जी मतदान के दावों को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
इस पूरे विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस आंतरिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए जांच कराने की मांग कर दी, जिसके बाद राजनीतिक बयानों का दौर तेजी से शुरू हो गया है।
अजय चंद्राकर द्वारा जांच की मांग पर मचा घमासान
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर ने हाल ही में युवा कांग्रेस के आंतरिक चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की थी। उनका दावा था कि संगठन के भीतर हुए इन चुनावों में पारदर्शिता का अभाव है और बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखा गया है। चंद्राकर के इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई, जिस पर कांग्रेस पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय का तीखा पलटवार, कही यह बात
अजय चंद्राकर के बयानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने उन पर जोरदार पलटवार किया है। विकास उपाध्याय ने तीखे शब्दों में कहा कि अजय चंद्राकर पूरी तरह से कुंठित मानसिकता के साथ बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद्राकर ऐसे अनाप-शनाप बयान सिर्फ इसलिए दे रहे हैं ताकि वे किसी तरह मीडिया की सुर्खियों में बने रहें और अपनी राजनीतिक उपयोगिता को साबित कर सकें।

‘राम मंदिर चढ़ावे की अनियमितताओं पर क्यों नहीं मांगते सीबीआई जांच?’
विकास उपाध्याय ने भाजपा नेता को आड़े हाथों लेते हुए एक बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यदि अजय चंद्राकर को निष्पक्षता और जांच की इतनी ही फिक्र है, तो वे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं करते? उन्होंने आगे कहा कि उस मामले में एसआईटी (SIT) जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट पहले ही सामने आ चुकी है, लेकिन इस पर भाजपा नेता चुप्पी साध लेते हैं।
‘अब मंत्री पद मिलने वाला नहीं, इसलिए निकाल रहे हैं अपनी कुंठा’
कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि अजय चंद्राकर को अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कोई मंत्री पद या बड़ा दायित्व मिलने की संभावना नहीं बची है। इसी बात की हताशा और कुंठा उनके बयानों में साफ तौर पर झलकती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे चाहे जितनी भी बयानबाजी कर लें, लेकिन इससे उन्हें राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है और पार्टी के भीतर उनकी पूछपरख कम हो चुकी है।
भाजयुमो ने युवा कांग्रेस चुनावों में लगाया था फर्जी वोटिंग का आरोप
इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश प्रवक्ता वैभव बैस ने भी कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटिंग कराई गई है और फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया गया है। भाजयुमो का आरोप था कि एक ही व्यक्ति ने कई बूथों पर जाकर मतदान किया, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और नियमों का खुला मजाक उड़ाना है।
प्रदेशभर में युवाओं के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाएगी बीजेपी
भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस के इस कथित संगठनात्मक फर्जीवाड़े को जनता और युवाओं के बीच ले जाया जाएगा। भाजयुमो का कहना है कि आज का युवा पूरी तरह जागरूक है और इस प्रकार की धांधली को कभी सहन नहीं करेगा। बहरहाल, युवा कांग्रेस चुनाव के बहाने छत्तीसगढ़ में चल रहा यह सियासी घमासान आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों दल एक-दूसरे पर हमलावर हैं।



