Meerut Murder Case: मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप के डसने से हुई मौत दिखाने के मामले में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया है। 17 अप्रैल 2025 की रात दोनों ने अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए उसके बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया था। करीब डेढ़ साल तक चले मुकदमे में अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। सजा सुनाए जाने से पहले दोनों ने अपने परिवार का हवाला देते हुए अदालत से राहत की गुहार लगाई।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को सजा सुनाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रविता और अमरदीप का पक्ष सुना। न्यायाधीश ने दोनों से पूछा कि हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद वे क्या सजा चाहते हैं। रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों का हवाला देते हुए कहा कि उनके बच्चों का ख्याल रखा जाए। वहीं, अमरदीप ने अपने बूढ़े माता-पिता की देखभाल का जिक्र किया। अपनी बात रखने के बाद दोनों रोने लगे।
अदालत ने अपराध को माना जघन्य
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को मृत्युदंड सुनाया। फैसले के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि केवल किसी को काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं होता। फैसले में पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी द्वारा करवाचौथ का व्रत रखने की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यहां पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसा कृत्य किया, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। अदालत ने अपराध को अत्यंत गंभीर मानते हुए मृत्युदंड दिया।
प्रेम संबंध के चलते रची गई हत्या की साजिश
मृतक अमित कश्यप उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का रहने वाला था। अमरदीप उसके साथ टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता था, जिसके चलते उसका अमित के घर आना-जाना था। इसी दौरान अमरदीप और रविता के बीच प्रेम संबंध बन गए। अमित को दोनों के संबंधों की भनक लग गई थी। इसके बाद रविता और अमरदीप ने उसकी हत्या की साजिश रची।
एक हजार रुपये में खरीदा था सांप
जांच के अनुसार, रविता और अमरदीप ने एक सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। अमरदीप ने सपेरे को देवी जागरण में पूजा के लिए सांप लेने की बात कही थी। 17 अप्रैल 2025 की रात अमित के सोने के बाद रविता ने अमरदीप को फोन करके घर बुलाया। दोनों ने मिलकर अमित की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के पास सांप छोड़ दिया, ताकि मौत सांप के काटने से हुई लगे। वारदात के बाद अमरदीप वहां से चला गया और रविता दूसरे कमरे में जाकर सो गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
अगली सुबह घरवालों को अमित मृत मिला। उसके शरीर पर सांप के काटने जैसे निशान दिखाई दिए, जिससे शुरुआत में मौत की वजह सांप का डसना समझी गई। घरवालों ने सपेरे को बुलाया, जो सांप को पकड़कर अपने साथ ले गया। इसके बाद अमित के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। रिपोर्ट में शरीर पर सांप के काटने के 10 निशान मिले, लेकिन मौत की वजह सांप का जहर नहीं, बल्कि दम घुटना सामने आया। इससे हत्या का शक गहरा गया और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।
सांप के दांत नहीं थे, जहर से मौत की पुष्टि नहीं हुई
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस सांप को अमित के शव के पास छोड़ा गया था, वह जहरीला नहीं था और उसके दांत भी नहीं थे। अदालत में सपेरे ने भी गवाही दी कि उसने अमरदीप को सांप दिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी सांप के जहर से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई थी। इन तथ्यों ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती दी।
मोबाइल कॉल और गवाह बने अहम सबूत
मामले में मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी अहम सबूत बनी। जांच में सामने आया कि अमित की हत्या के 24 घंटे के भीतर रविता और अमरदीप के बीच फोन कॉल और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए 65 बार बातचीत हुई थी। इससे पहले भी दोनों के बीच लगातार संपर्क होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, सपेरे की गवाही और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष रखा।
60 दिन में दाखिल हुई चार्जशीट
हत्या के करीब 60 दिन बाद पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में 87 तारीखें लगीं और 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 7 अक्टूबर 2026 को अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया। इसके बाद 16 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया।
बेटे की हत्या के सदमे में पिता की भी मौत
अमित की हत्या ने उसके परिवार को गहरा सदमा दिया। खबर के मुताबिक, बेटे की हत्या के करीब चार महीने बाद उसके पिता विजयपाल कश्यप की भी सदमे में मौत हो गई। अमित की मां मुनेश कश्यप ने अदालत से दोनों दोषियों को फांसी देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर मृत्युदंड नहीं दिया गया तो परिवार उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
तीन छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता
रविता और अमित के तीन छोटे बच्चे हैं। अदालत में रविता ने इन्हीं बच्चों का हवाला देते हुए उनके भविष्य की चिंता जताई। वहीं, अमित की मां ने बताया कि बच्चे अपनी दादी के पास रहना चाहते हैं और अपने पिता के बारे में पूछते हैं। इस मामले में एक ओर दोषियों को सुनाई गई सजा चर्चा का विषय बनी, तो दूसरी ओर तीन बच्चों के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
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