Meerut Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने दोषी मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों को सजा सुनाई। इस मामले में सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उसके शव को नीले ड्रम में छिपाने की घटना ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं।
अदालत का फैसला आने के बाद जिला न्यायालय परिसर में मौजूद कुछ अधिवक्ताओं ने भारत माता की जय के नारे लगाए। सजा सुनाए जाने के बाद परिसर में लोगों की प्रतिक्रिया देखने को मिली। यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और फैसले को लेकर लोगों की नजर अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई थी।
अदालत में कानून और दंड के उद्देश्य का जिक्र
मिली जानकारी के अनुसार, फैसला सुनाते समय न्यायाधीश ने कानून और दंड के उद्देश्य का उल्लेख किया। सुनवाई के दौरान महाभारत का संदर्भ दिए जाने की बात भी सामने आई है। अदालत की विस्तृत टिप्पणी और फैसले के लिखित आदेश से इस संदर्भ का पूरा विवरण स्पष्ट होगा।
क्या है नीला ड्रम हत्याकांड?
सौरभ राजपूत हत्याकांड में उसकी पत्नी मुस्कान और साहिल आरोपी थे। मामले में सौरभ की हत्या और शव को नीले ड्रम में छिपाने के आरोपों ने व्यापक चर्चा पैदा की थी। अब अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया है। फैसले के आगे के कानूनी पहलुओं की जानकारी आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।
कौन थे सौरभ राजपूत?
सौरभ राजपूत मेरठ के रहने वाले थे और मर्चेंट नेवी से जुड़े रहे थे। उनकी शादी मुस्कान रस्तोगी से वर्ष 2016 में हुई थी। दोनों की एक बेटी भी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सौरभ लंदन में काम कर रहे थे और फरवरी 2025 में परिवार के साथ समय बिताने के लिए मेरठ लौटे थे। उस समय परिवार में जन्मदिन मनाने की तैयारियां भी हुई थीं।
24 फरवरी 2025: लंदन से मेरठ लौटे थे सौरभ
रिपोर्टों के अनुसार, सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ पहुंचे थे। अगले दिन घर में मुस्कान का जन्मदिन मनाया गया। 28 फरवरी को उनकी बेटी का जन्मदिन भी था। बाहर से सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कुछ ही दिनों बाद सौरभ की हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।
3 मार्च 2025: हत्या की रात क्या हुआ?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च की रात सौरभ को नींद की दवा दी गई और इसके बाद साहिल शुक्ला को घर बुलाया गया। पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की। इसके बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखकर सीमेंट से ढक दिया गया, ताकि हत्या का सबूत छिपाया जा सके।



