DEO का अनोखा फरमान, जिसके घर के सदस्य कोरोना संक्रमित, उसे भी आना होगा कार्यस्थल पर

DEO का अनोखा फरमान, जिसके घर के सदस्य कोरोना संक्रमित, उसे भी आना होगा कार्यस्थल पर
DEO का अनोखा फरमान, जिसके घर के सदस्य कोरोना संक्रमित, उसे भी आना होगा कार्यस्थल पर

कोरबा। कोरबा जिले के शिक्षा अधिकारी सतीश पांडेय फरमान के चलते एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके द्वारा जारी आदेश के मुताबिक केवल कोविड पॉजिटिव शिक्षकों को ही 14 दिन का अवकाश दिया जाएगा मगर घर में किसी के पॉजिटिव आने की वजह से शिक्षकों को होम आइसोलेशन नहीं मिलेगा। शासकीय कर्मचारियों को कर्तव्य स्थल पर आना पड़ेगा।

क्या कहता है कोविड प्रोटोकॉल?

कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक किसी परिवार में एक भी सदस्य के संक्रमित आने पर उसे अलग कर शेष सदस्यों को भी होम आइसोलेट ही रहना है, बाहर नहीं निकलना है और कोई निकल गया तो एफआईआर दर्ज हो रही है तब ऐसे में शिक्षा विभाग अपना अलग निर्देश जारी कर रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी का अलग ही कानून

इस जिले में कोरोना काल के नियमों को अपने काम और जरूरत के अनुसार बनाया और तोड़ा जा रहा है। इससे भय, आक्रोश और दुविधा के हालात बन रहे हैं। वर्चुवल बैठक के बाद शिक्षकों को भेजे जा रहे आवश्यक सूचना में जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश के हवाले से कहा जा रहा है कि बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश–

  • जिन शिक्षकों की अन्य कार्यों में ड्यूटी लगी है उन्हें छोड़कर बचे हुए सारे शिक्षक/ व्याख्याता प्रतिदिन नियमित रूप से विद्यालय आएंगे।
  • विद्यालय आकर एक्टिव सर्विलेंस के कार्य में सहयोग करेंगे।
  • प्रतिदिन लगभग 50 घरों का एक्टिव सर्विलेंस करना है। दिए गए प्रपत्र में जानकारी जमा की जानी है।
  • नो वर्क नो पेमेंट के सिद्धांत पर कार्य किया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक को ड्यूटी करना आवश्यक है। उपस्थिति पत्रक के हस्ताक्षर के आधार पर ही वेतन आहरण किया जाएगा।
  • केवल कोविट पॉजिटिव शिक्षकों को ही 14 दिन का अवकाश दिया जाएगा। घर में किसी के पॉजिटिव आने के कारण शिक्षकों को होम आइसोलेशन नहीं मिलेगा। शासकीय कर्मचारियों को कर्तव्य स्थल पर आना ही है।
  • मेडिकल लिव देने वाले सभी शिक्षकों को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होकर मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा
  • राष्ट्रीय विपदा की इस घड़ी में सभी शासकीय कर्मचारियों से अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण इमानदारी से किए जाने की अपेक्षा की जाती है।

कर्मचारी संगठनों का विरोध शुरू

जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा के फरमान को लेकर कर्मचारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के कोरबा जिलाध्यक्ष जे पी उपाध्याय ने कहा है कि कोरोना काल में कार्य के सम्बन्ध में जो गाइडलाइन है, उसके विपरीत जाकर DEO आदेश जारी कर रहे हैं, इससे कर्मचारियों के बीच भय का माहौल है. जे पी उपाध्याय ने कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्य लिए जाने की मांग की है.

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