गृह निर्माण मंडल की दर्जनों योजनाएं अधर में, सस्ते मकानों के लिए अभी करना पड़ेगा इंतजार

गृह निर्माण मंडल की दर्जनों योजनाएं अधर में, सस्ते मकानों के लिए अभी करना पड़ेगा इंतजार
गृह निर्माण मंडल की दर्जनों योजनाएं अधर में, सस्ते मकानों के लिए अभी करना पड़ेगा इंतजार

रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की कई आवासीय योजनाएं लेआउट की स्वीकृति और जमीन के अभाव में लटकी हुई हैं। राजधानी रायपुर में गृह निर्माण मंडल के चार नगर संभाग हैं, जहाँ से सभी वर्ग के आवास और दुकानों के निर्माण के प्रस्ताव दिए गए हैं।

इनमें से कई योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध हैं मगर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृति नहीं मिली है। वहीं कुछ आवासीय योजनाओं के लिए जमीन तो चिन्हित कर ली गयी है, मगर अब तक जमीनों का आबंटन नहीं हो सका है। इधर अपनी पुरानी कॉलोनियों के रख रखाव में हो रही परेशानी को देखते हुए इन्हें नगर निगम रायपुर के सुपुर्द करने की तैयारी भी चल रही है।

जमीन के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है

राजीव नगर आवास योजना के लिए है जमीन की जरुरत गृह निर्माण मंडल के अभियंताओं से मिली जानकारी के मुताबिक कबीरनगर, सड्डू, सेजबहार और शंकर नगर संभाग में नई जगहों पर प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए जमीनों की मांग है। शंकरनगर संभाग के ई.ई. आरके साहू ने बताया की उनके इलाके में मोआ क्षेत्र में राजीव नगर आवास योजना के लिए 15 एकड़ जमीन की जरुरत है। इसके लिए कलेक्टर रायपुर को प्रस्ताव भेजा गया है। इधर सड्डू नगर संभाग के ई.ई. विनोद गहरवार ने बताया कि उनके यहां दलदल सिवनी में 25 एकड़ भूभाग पर राजीव नगर आवास योजना प्रस्तावित है और इसके लिए चिन्हित लगभग 25 एकड़ जमीन के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। इन दोनों राजीव नगर आवास योजनाओं के लिए प्रस्ताव फ़िलहाल अटका हुआ है, जिससे निर्माण में विलम्ब हो रहा है।

ले आउट स्वीकृति की बाट जोह रही हैं कई योजनाएं

गृह निर्माण मंडल की कई योजनाओं को टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग से ले आउट की स्वीकृति का इंतजार है। इनमें कबीर नगर में 17 करोड़ की लागत से एल आई जी और इ डब्ल्यू एस फ्लैट का निर्माण, रिंगरोड नंबर 2 टाटीबंध में एच आई जी, एम आई जी आवास और दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। टाटीबंध में ही 12 करोड़ की लगत से एच आई जी, एम आई जी आवास और दुकानों का निर्माण, कबीर नगर के फेस 3 में शॉप-कम-रेसिडेंस और फेस 4 में 24 फ्लैट और दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है।

ले आउट की स्वीकृति का इंतजार कर रही योजनाएं

इसी तरह सड्डू नगर संभाग के अंतर्गत पुरानी नरदहा कॉलोनी में 36 करोड़ की लागत से एमआईजी, एलआईजी मकान और दुकानों का निर्माण, मुनगी में 14 करोड़ से 209 एल आई जी मकान और सड्डू में एलआईजी और एचआईजी मकानों का निर्माण प्रस्तावित है। इधर सेजबहार नगर संभाग में नकटी में 38 एकड़ भूभाग में हर वर्ग के आवासों का निर्माण, सेजबहार फेस 2 में 700 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है। यह सारी योजनाएं ले आउट की स्वीकृति के लिए अटकी हुई हैं। चूँकि सारी योजनाएं बड़ी हैं इसलिए टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग ने सभी प्रस्तावों को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया है, इसलिए योजनाओं को शुरू करने में विलम्ब हो रहा है।

समता कालोनी में है नूतन राइस मिल रिडवलपमेंट योजना

कबीर नगर संभाग के ई ई संदीप साहू ने बताया कि समता कॉलोनी में मार्कफेड के स्वामित्व की 10 एकड़ जमीन है, जहाँ पूर्व में राइस मिल थी और अब वह बंद पड़ी हुई है। इस जमीन को मार्कफेड से लेकर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल यहाँ आवासों का निर्माण कराएगा। यहाँ 300 करोड़ की लागत से 360 एच आई जी आवास और 135 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है।

देरी से बढ़ती जाती है लागत, हितग्राहियों पर पड़ता है बोझ

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल आम लोगों को सस्ती कीमत पर मकान उपलब्ध कराता है मगर आवासीय योजनाओं की स्वीकृति में विलम्ब के चलते इनके निर्माण में देरी होती है, इस बीच निर्माण सामग्रियों की कीमत में बढ़ोत्तरी हो जाती है। स्वाभाविक है कि इससे निर्माण की लागत भी बढ़ जाती है और इसका बोझ मकान खरीदने वालों पर पड़ता है। मकान खरीदने के पहले गृह निर्माण मंडल उसकी जो कीमत तय करता है वह मकान हैंडओवर होने तक काफी बढ़ जाती है।

पुरानी कालोनियां होंगी नगर निगम के सुपुर्द

रायपुर की आठ पुरानी कालोनियों को नगर निगम के हवाले करने की तैयारी चल रही है। इसकी शुरुआत कबीरनगर हाउसिंग बोर्ड कालोनी से चल रही है। इसके बाद पुरानी कालोनियों में सभी तरह की टैक्स वसूली से लेकर वहां मेंटेनेंस का काम नगर निगम की ओर से किया जाएगा। फ़िलहाल नगर निगम से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।

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