Right or Left Arm BP Check: घर पर ब्लड प्रेशर नापते समय अक्सर यह सवाल होता है कि बीपी बाएं हाथ से लेना चाहिए या दाएं हाथ से। इसका कोई एक तय नियम नहीं है। दोनों हाथों से ब्लड प्रेशर मापा जा सकता है। हालांकि, पहली बार बीपी चेक करते समय दोनों हाथों की रीडिंग लेना ज्यादा जरूरी है।
अगर दोनों हाथों में लगातार अंतर मिलता है, तो आगे की निगरानी आमतौर पर उस हाथ से की जाती है जिसमें रीडिंग ज्यादा आती है। NICE की मौजूदा गाइडलाइन के मुताबिक दोनों हाथों की रीडिंग में 15 mmHg से ज्यादा अंतर मिलने पर दोबारा जांच करनी चाहिए। अंतर बना रहे तो आगे बीपी ज्यादा रीडिंग वाले हाथ से मापा जाता है।
BP दाएं हाथ से लें या बाएं से?
अगर दोनों हाथों की रीडिंग लगभग समान आती है, तो घर पर बीपी मॉनिटरिंग के लिए किसी भी हाथ का इस्तेमाल किया जा सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी बताता है कि आमतौर पर दोनों हाथों की रीडिंग में बड़ा अंतर नहीं होता और किसी भी हाथ से बीपी मापा जा सकता है। लेकिन पहली बार दोनों हाथों से बीपी मापना उपयोगी है। इससे पता चलता है कि किसी एक हाथ में लगातार ज्यादा रीडिंग तो नहीं आ रही। 2022 की एक स्टडी पर AHA की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल एक हाथ की रीडिंग लेने से कुछ लोगों में वास्तविक ब्लड प्रेशर का आकलन कम हो सकता है। दोनों हाथों की तुलना करने से ज्यादा रीडिंग वाले हाथ की पहचान की जा सकती है। इसलिए सीधा जवाब यह है कि बीपी के लिए केवल बायां या केवल दायां हाथ तय नहीं है। पहली जांच में दोनों हाथों की तुलना करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
दोनों हाथों में बीपी अलग क्यों आ सकता है?
दोनों हाथों की रीडिंग बिल्कुल समान आना जरूरी नहीं है। शरीर में रक्त वाहिकाओं की संरचना दोनों तरफ पूरी तरह एक जैसी नहीं होती। इसके अलावा बीपी मापने का तरीका भी रीडिंग को प्रभावित कर सकता है। हाथ की स्थिति, शरीर की मुद्रा और कफ का सही आकार इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार बीपी लेते समय हाथ को समतल जगह पर सपोर्ट देकर हार्ट के स्तर पर रखना चाहिए। कफ भी सही आकार का होना चाहिए। गलत आकार का कफ रीडिंग को प्रभावित कर सकता है। अगर एक हाथ हार्ट के स्तर से नीचे लटका है और दूसरा सही स्थिति में है, तो दोनों रीडिंग में अंतर आ सकता है। इसलिए दोनों हाथों की तुलना करते समय दोनों तरफ एक जैसी सही तकनीक अपनाना जरूरी है।
दोनों हाथों में कितना अंतर होने पर दोबारा जांच करें?
दोनों हाथों की रीडिंग में कुछ अंतर होना अपने आप में असामान्य नहीं है। लेकिन अगर अंतर लगातार ज्यादा बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
NICE की गाइडलाइन के अनुसार दोनों हाथों की रीडिंग में 15 mmHg से ज्यादा अंतर मिलने पर दोबारा बीपी मापना चाहिए। अगर दूसरी जांच में भी अंतर 15 mmHg से ज्यादा रहता है, तो आगे की रीडिंग ज्यादा ब्लड प्रेशर वाले हाथ से लेने की सलाह दी जाती है। इसलिए एक बार अंतर मिलने पर तुरंत निष्कर्ष निकालने के बजाय सही तरीके से दोबारा जांच करना जरूरी है।
BP मापते समय हाथ की पोजीशन क्यों जरूरी?
सही हाथ चुनना ही काफी नहीं है। बीपी की रीडिंग सही आए, इसके लिए शरीर और हाथ की स्थिति भी ठीक होनी चाहिए। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार बीपी मापते समय इन बातों का ध्यान रखें।
- कुर्सी पर पीठ को सहारा देकर सीधे बैठें।
- दोनों पैर जमीन पर रखें।
- पैरों को क्रॉस न करें।
- बीपी लेने से पहले कम से कम 5 मिनट शांत बैठें।
- हाथ को समतल जगह पर रखें।
- हाथ को हार्ट के स्तर पर सपोर्ट दें।
- कफ को ऊपरी बाजू पर नंगे हाथ में लगाएं।
- कफ का निचला हिस्सा कोहनी के मोड़ से ठीक ऊपर रखें।
- बीपी मापते समय बात न करें।
- हाथ के आकार के अनुसार सही कफ इस्तेमाल करें।
घर पर BP कैसे सही तरीके से मापें?
घर पर बीपी लेने से करीब 30 मिनट पहले स्मोकिंग, कैफीन वाले पेय और एक्सरसाइज से बचना चाहिए। ब्लैडर खाली कर लेना भी जरूरी है। इसके बाद करीब 5 मिनट शांत बैठें। बीपी मापते समय कपड़े के ऊपर कफ न लगाएं। ऊपरी बाजू पर सही आकार का कफ लगाएं और हाथ को हार्ट के स्तर पर रखें। माप के दौरान बात न करें और शरीर को स्थिर रखें। एक बार बीपी लेने के बाद कम से कम 1 मिनट का अंतर रखते हुए दूसरी रीडिंग लें। दोनों रीडिंग को रिकॉर्ड करना उपयोगी होता है। अगर दोनों हाथों में पहले लगातार अंतर पाया गया है, तो नियमित मॉनिटरिंग के लिए किस हाथ का इस्तेमाल करना है, यह डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय किया जा सकता है।
तो आखिर किस हाथ से लें BP?
अगर पहली जांच में दोनों हाथों की रीडिंग लगभग समान है, तो आगे घर पर बीपी मापने के लिए बाएं या दाएं किसी भी हाथ का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर दोनों हाथों के बीच लगातार बड़ा अंतर आता है, तो दोबारा सही तरीके से जांच करें और डॉक्टर से सलाह लें। सबसे जरूरी बात यह है कि बीपी मापते समय सिर्फ हाथ का चुनाव ही नहीं, बल्कि सही कफ, सही पोजीशन और सही तकनीक भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
5 FAQs
1. BP बाएं हाथ से लेना चाहिए या दाएं हाथ से?
अगर दोनों हाथों की रीडिंग लगभग समान है, तो किसी भी हाथ से BP मापा जा सकता है। पहली जांच में दोनों हाथों की तुलना करना महत्वपूर्ण है।
2. दोनों हाथों में BP अलग क्यों आता है?
हाथों की रक्त वाहिकाओं की संरचना के अलावा हाथ की पोजीशन, कफ का आकार और BP मापने की तकनीक भी रीडिंग में अंतर पैदा कर सकती है।
3. दोनों हाथों में BP का कितना अंतर होने पर दोबारा जांच करनी चाहिए?
NICE के अनुसार 15 mmHg से ज्यादा अंतर मिलने पर दोनों हाथों की रीडिंग दोबारा लेनी चाहिए। अंतर बना रहने पर आगे ज्यादा रीडिंग वाले हाथ से BP मापने की सलाह दी जाती है।
4. घर पर BP मापते समय हाथ की स्थिति कैसी होनी चाहिए?
हाथ को समतल जगह पर सपोर्ट देकर हार्ट के स्तर पर रखना चाहिए। कफ सही आकार का होना चाहिए और नंगे हाथ पर लगाया जाना चाहिए।
5. BP लेने से पहले किन चीजों से बचना चाहिए?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार BP लेने से 30 मिनट पहले स्मोकिंग, कैफीन और एक्सरसाइज से बचना चाहिए। इसके बाद कम से कम 5 मिनट शांत बैठकर रीडिंग लेनी चाहिए।



