Health Tips: रोज का सफर सिर्फ समय ही नहीं लेता, शरीर पर भी असर डाल सकता है। ऑफिस या काम के लिए बस, ट्रेन, कार या बाइक से आने-जाने के दौरान अक्सर हमारा ध्यान सिर्फ मंजिल तक पहुंचने पर रहता है। बैठने की सही पोजीशन और शरीर के पोश्चर पर ध्यान नहीं जाता।
लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठना या एक ही स्थिति में रहना पीठ, गर्दन और कंधों में परेशानी की वजह बन सकता है। ऐसे में सफर के दौरान कुछ छोटी आदतों को अपनाकर रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। रोजाना की यात्रा में किए गए ये छोटे बदलाव लंबे समय में काफी काम आ सकते हैं।
बाइक पर ब्रेक लें
रोजाना लंबे समय तक दोपहिया वाहन चलाने पर शरीर को लगातार झटके लग सकते हैं। साथ ही लंबे समय तक एक ही पोश्चर में रहने से परेशानी हो सकती है। संभव हो तो लंबे सफर के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें।
बस में सही सीट चुनें
बस से सफर करते समय ऐसी सीट चुनें जहां पीठ को ठीक से सहारा मिल सके। लंबे समय तक बिना बैक सपोर्ट के बैठने से कमर पर दबाव बढ़ सकता है।
कार की सीट सेट करें
कार चलाते समय सीट की पोजीशन ऐसी रखें कि पीठ को पूरा सपोर्ट मिले। आपको आगे की ओर झुककर ड्राइव न करना पड़े। जरूरत होने पर कमर के पीछे छोटा लंबर सपोर्ट भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
बैग का वजन हल्का रखें
भारी बैग लंबे समय तक उठाने से कंधों और पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कोशिश करें कि बैग हल्का रहे। उसका वजन दोनों कंधों पर बराबर बंटना भी जरूरी है।
फोन देखते समय गर्दन न झुकाएं
सफर के दौरान लगातार फोन नीचे करके देखने से गर्दन और ऊपरी पीठ पर खिंचाव बढ़ सकता है। कोशिश करें कि फोन आंखों के करीब ऊंचाई पर रहे। बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाना भी जरूरी है।
भीड़भाड़ से बचें
ट्रेन या बस से सफर करने वालों के लिए बहुत ज्यादा भीड़ वाला समय असुविधाजनक हो सकता है। संभव हो तो ऐसे समय से बचने की कोशिश करें। इससे लंबे समय तक असुविधाजनक स्थिति में खड़े रहने या शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ने की स्थिति कम हो सकती है।
सफर का तरीका बदलें
अगर रोजाना लंबे समय तक बाइक या कार से सफर करना पड़ता है तो कभी-कभी मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे शरीर को एक ही पोश्चर में लंबे समय तक रहने से राहत मिल सकती है।



