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Navratri Colours 2026: मां दुर्गा की पूजा के साथ रंगों का भी रखें ध्यान, नवरात्रि के लिए ऐसे चुनें कपड़े

Navratri Colours 2026: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ कई जगहों पर नौ दिनों तक अलग-अलग रंग के कपड़े पहनने की परंपरा भी है। इन रंगों को खास भावों और गुणों से जोड़कर देखा जाता है। अगर आप नवरात्रि में पूजा, गरबा या डांडिया के लिए अपने कपड़े पहले […]

Navratri outfit ideas featuring traditional Indian sarees and ethnic dresses in orange, white, red, royal blue, yellow, grey, purple and peacock green
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Navratri Colours 2026: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ कई जगहों पर नौ दिनों तक अलग-अलग रंग के कपड़े पहनने की परंपरा भी है। इन रंगों को खास भावों और गुणों से जोड़कर देखा जाता है। अगर आप नवरात्रि में पूजा, गरबा या डांडिया के लिए अपने कपड़े पहले से तैयार करना चाहती हैं, तो दिन के हिसाब से रंग चुन सकती हैं।

नवरात्रि के दौरान नारंगी, सफेद, लाल, रॉयल ब्लू, पीले, ग्रे, पर्पल और पीकॉक ग्रीन जैसे रंगों के कपड़े पहनने के विकल्प हैं। हर रंग के साथ मां दुर्गा के एक स्वरूप की पूजा का दिन जुड़ा है। हालांकि, रंगों की सूची क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

नवरात्रि के नौ दिनों के रंगों की लिस्ट

पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन नारंगी रंग पहनने की परंपरा है। इसे उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर नारंगी रंग का सूट, साड़ी या कुर्ता पहन सकती हैं।

दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहनने का विकल्प है। सफेद रंग शांति, सादगी और पवित्रता से जुड़ा माना जाता है। सफेद सूट या साड़ी के साथ हल्की जूलरी पहनकर पारंपरिक लुक तैयार कर सकती हैं।

तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन लाल रंग पहन सकती हैं। लाल रंग को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। पूजा या गरबा के लिए लाल साड़ी, अनारकली सूट या एथनिक ड्रेस चुन सकती हैं।

चौथा दिन: मां कूष्मांडा की पूजा

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है। इस दिन रॉयल ब्लू रंग के कपड़े पहनने का विकल्प है। इस रंग को गहराई, स्थिरता और शांति से जोड़ा जाता है। आप नीले रंग का कुर्ता, साड़ी या लहंगा पहन सकती हैं।

पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की पूजा

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहन सकती हैं। पीला रंग खुशहाली, प्रसन्नता और उमंग का प्रतीक माना जाता है। पीले रंग का सूट, कुर्ती या साड़ी नवरात्रि के पारंपरिक लुक के लिए एक विकल्प है।

सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा

सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन ग्रे रंग पहनने की परंपरा कुछ रंग-सूचियों में शामिल है। ग्रे रंग को संतुलन और स्थिरता से जोड़ा जाता है। आप ग्रे रंग का एथनिक सूट या साड़ी पहन सकती हैं। इसके साथ सिल्वर जूलरी भी चुन सकती हैं।

आठवां दिन: मां महागौरी की पूजा

आठवें दिन मां महागौरी की आराधना की जाती है। इस दिन पर्पल यानी बैंगनी रंग के कपड़े पहन सकती हैं। इस रंग को गरिमा, समृद्धि और भव्यता से जोड़ा जाता है। बैंगनी साड़ी, सूट या लहंगा नवरात्रि के फेस्टिव लुक का हिस्सा बन सकता है।

नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा

नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन पीकॉक ग्रीन यानी मोरपंखी हरे रंग के कपड़े पहनने का विकल्प है। इस रंग की साड़ी, सूट या लहंगा पहनकर नवरात्रि के आखिरी दिन के लिए पारंपरिक लुक तैयार कर सकती हैं।

नवरात्रि में नौ रंगों का क्या महत्व है?

नवरात्रि के दौरान अलग-अलग रंगों के कपड़े पहनने की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है। इन रंगों को अलग-अलग भावों और गुणों से जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, लाल रंग शक्ति, सफेद रंग शांति और हरा रंग प्रकृति व विकास का प्रतीक माना जाता है।

हालांकि, नवरात्रि के रंगों की सूची और उनसे जुड़ी मान्यताएं क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार बदल सकती हैं। पूजा में किसी खास रंग के कपड़े पहनना अनिवार्य नहीं है। आप अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार कपड़े चुन सकती हैं।

डिस्क्लेमर: नवरात्रि के नौ दिनों के रंगों से जुड़ी परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों और मान्यताओं के अनुसार बदल सकती हैं। इस लेख में दी गई रंगों की सूची सामान्य प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। पूजा में किसी विशेष रंग के कपड़े पहनना अनिवार्य नहीं है।

Rajnisen
लेखक / पत्रकार:

Rajnisen

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकार रिपोर्टर

सामाजिक न्याय एवं महिला सशक्तिकरण विषयों पर लेखन

स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और जनसुविधाओं पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।

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