ज्यूरिख एयरपोर्ट पर 6 सितंबर को दिल्ली जाने वाली Air India की फ्लाइट से पहले एक पायलट अल्कोहल टेस्ट में फेल हो गया। एयरलाइन ने पायलट को उड़ान से ठीक पहले ड्यूटी से हटा दिया और बाद में यात्री के रूप में भारत वापस भेजा गया। पायलट फिलहाल निलंबित है। अंतिम मेडिकल जांच रिपोर्ट और जांच पूरी होने तक उसके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब एयर इंडिया के एक अन्य पायलट के ड्रग टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि हुई थी। वह पायलट 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI-2379 का कमांडर था। फ्लाइट के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था।
ज्यूरिख में उड़ान से पहले हुआ अल्कोहल टेस्ट
ज्यूरिख में तैनात एयर इंडिया के फर्स्ट ऑफिसर को उड़ान से कुछ समय पहले अधिकारियों ने अल्कोहल टेस्ट के बाद विमान से हटा दिया। जांच में उसके नशे में होने की बात सामने आई। इसके बाद उसे यात्री के तौर पर भारत वापस भेजा गया। एयर इंडिया ने कहा है कि पायलट को अंतिम मेडिकल जांच रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने तक निलंबित रखा गया है। एयरलाइन के मुताबिक, वह सुरक्षा, नियामकीय नियमों और कंपनी के प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाती है। किसी उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियामकीय जरूरतों और कंपनी की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
कुछ दिन पहले ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव मिला था दूसरा पायलट
इस घटना से कुछ दिन पहले एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट के ड्रग टेस्ट में मारिजुआना पाया गया था। फ्लाइट के दौरान विमान ने अचानक ऊंचाई खो दी थी। AI-2379 में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। ओडिशा के ऊपर उड़ान के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया। इस घटना में 20 से अधिक यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हुए थे। Airbus A320neo विमान बाद में सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा। फ्लाइट के कमांडर सुदीप वशिष्ठ का ड्रग टेस्ट दो बार पॉजिटिव आया था।
पायलट ने नींद की परेशानी और दवा का किया था जिक्र
सुदीप वशिष्ठ ने फ्लाइट से जुड़ी सुरक्षा रिपोर्ट में बताया था कि वह कुछ समय से नींद की परेशानी का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि निजी परिस्थितियों के कारण उन्हें अपने फैमिली डॉक्टर से दवा भी मिली थी। उन्होंने यह भी बताया था कि लेओवर के दौरान उन्होंने आराम करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें आसानी से नींद नहीं आई। इसके बाद उन्होंने नींद की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए कुछ देर टहलने जैसी हल्की गतिविधि करने का फैसला किया था।



