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BvS10 सिंधु क्या है? जानिए Indian Army के बर्फ, रेगिस्तान और पानी में चलने वाले L&T के इस खास बख्तरबंद वाहन के बारे में

BvS10 सिंधु क्या है? जानिए Indian Army के बर्फ, रेगिस्तान और पानी में चलने वाले L&T के इस खास बख्तरबंद वाहन के बारे में
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • भारतीय सेना को कठिन से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ऑपरेशन करने में मदद देने के लिए BvS10 सिंधु ऑल-टेरेन बख्तरबंद वाहन का निर्माण भारत में किया जाएगा।
  • लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने इन वाहनों के स्वदेशी निर्माण के लिए भारतीय सेना के साथ समझौता किया है।
  • इनका निर्माण गुजरात के हजीरा स्थित L&T के आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा।
  • इस कार्यक्रम में BvS10 के मूल निर्माता BAE Systems Hägglunds तकनीकी सहयोग और डिजाइन से जुड़ी सहायता देगा।

नई दिल्ली। भारतीय सेना को कठिन से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ऑपरेशन करने में मदद देने के लिए BvS10 सिंधु ऑल-टेरेन बख्तरबंद वाहन का निर्माण भारत में किया जाएगा। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने इन वाहनों के स्वदेशी निर्माण के लिए भारतीय सेना के साथ समझौता किया है।

इनका निर्माण गुजरात के हजीरा स्थित L&T के आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में BvS10 के मूल निर्माता BAE Systems Hägglunds तकनीकी सहयोग और डिजाइन से जुड़ी सहायता देगा।

BvS10 सिंधु को भारत की विविध भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह बर्फ से ढके पहाड़ी क्षेत्रों, रेगिस्तान और दलदली जमीन जैसे मुश्किल इलाकों में चल सकता है। इसकी एम्फीबियस यानी जमीन और पानी में संचालन करने की क्षमता इसे बाढ़ प्रभावित और तटीय क्षेत्रों में भी उपयोगी बनाती है।

BvS10 सिंधु क्या है?

BvS10 सिंधु, पहले से इस्तेमाल किए जा रहे BvS10 आर्टिकुलेटेड ऑल-टेरेन वाहन का भारतीय परिस्थितियों के मुताबिक विकसित संस्करण है। आर्टिकुलेटेड डिजाइन में वाहन के आगे और पीछे के हिस्से एक विशेष जोड़ के जरिए जुड़े होते हैं। इससे वाहन को असमान और मुश्किल जमीन पर आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

इसका उद्देश्य भारतीय सेना को ऐसे इलाकों में आवाजाही की क्षमता देना है, जहां सामान्य सैन्य वाहनों का संचालन मुश्किल हो सकता है। ऊंचे पहाड़ों, बर्फीले रास्तों, रेगिस्तानी इलाकों और दलदली जमीन पर इसकी उपयोगिता अहम हो सकती है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस वाहन के उन्नत संस्करण का समुद्र तल से लेकर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों तक परीक्षण किया गया। परीक्षणों में इसने सेना की निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा किया।

L&T के हजीरा प्लांट में होगा निर्माण

L&T अपने हजीरा स्थित आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में BvS10 सिंधु का निर्माण करेगा। इस परियोजना के लिए कंपनी BAE Systems Hägglunds के साथ लाइसेंसिंग और तकनीक हस्तांतरण के मॉडल पर काम करेगी।

L&T के अनुसार, समझौते में वाहनों के निर्माण के अलावा लॉजिस्टिक्स सपोर्ट का व्यापक पैकेज भी शामिल है। इसमें तैनाती, रखरखाव और वाहन के पूरे परिचालन जीवनकाल के दौरान जरूरी सहायता शामिल होगी।

यह परियोजना भारत में रक्षा उपकरणों के निर्माण की क्षमता बढ़ाने और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारतीय सेना के लिए क्यों खास है BvS10 सिंधु?

BvS10 सिंधु की सबसे बड़ी विशेषता कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में आवाजाही की क्षमता है। सेना के लिए ऐसे वाहन महत्वपूर्ण होते हैं, जो चुनौतीपूर्ण इलाकों में सैनिकों और जरूरी उपकरणों को पहुंचाने में मदद कर सकें।

इसका मॉड्यूलर डिजाइन अलग-अलग मिशनों के अनुरूप इस्तेमाल की सुविधा देता है। इसके संभावित उपयोगों में शामिल हैं।

सैनिकों का परिवहन: कठिन इलाकों में जवानों को ले जाना।
कमांड और कंट्रोल: सैन्य अभियानों के दौरान संचालन संबंधी सहायता।
लॉजिस्टिक्स: जरूरी सामान और उपकरण पहुंचाना।
मेडिकल सहायता: एम्बुलेंस और घायल जवानों को निकालने से जुड़े कार्य।
मरम्मत और रिकवरी: खराब या फंसे हुए वाहनों की सहायता।
हथियार सहायता: जरूरत के अनुसार हथियार प्रणालियों को सपोर्ट देना।
इस तरह एक ही वाहन प्लेटफॉर्म को अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा सकता है।

Make in India को मिलेगा बढ़ावा

BvS10 सिंधु परियोजना में विदेशी मूल डिजाइन और तकनीक के साथ भारत में निर्माण की व्यवस्था की गई है। BAE Systems Hägglunds तकनीकी सहयोग देगा, जबकि L&T भारत में उत्पादन और संबंधित सहायता की जिम्मेदारी निभाएगा।

BAE Systems Hägglunds के प्रबंध निदेशक टॉमी गुस्ताफसन रास्क के मुताबिक, BvS10 की गतिशीलता, लचीलापन और कठिन मौसम में काम करने की क्षमता इसकी प्रमुख खूबियां हैं। कंपनी ने इस लाइसेंसिंग कार्यक्रम के जरिए भारत के रक्षा आधुनिकीकरण में सहयोग करने की बात कही है।

L&T के प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स कारोबार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रमुख अरुण रामचंदानी ने भी इस समझौते को भारत के रक्षा क्षेत्र और कंपनी की इंजीनियरिंग क्षमताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।

किन देशों की सेनाएं इस्तेमाल करती हैं BvS10?

BvS10 प्लेटफॉर्म ऑस्ट्रिया, फ्रांस, नीदरलैंड, स्वीडन, यूक्रेन और यूनाइटेड किंगडम की सेनाओं में शामिल है। जर्मनी ने भी इस वाहन का ऑर्डर दिया है।

भारत में BvS10 सिंधु का निर्माण इस प्लेटफॉर्म को भारतीय जरूरतों के मुताबिक तैयार करने और देश में रक्षा विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।

BvS10 सिंधु भारतीय सेना के लिए एक विशेष ऑल-टेरेन बख्तरबंद वाहन है, जिसे कठिन इलाकों में आवाजाही और विभिन्न सैन्य भूमिकाओं के लिए तैयार किया गया है।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

द रूरल प्रेस केंद्रीय सम्पादकीय मंडल एवं राज्य ब्यूरो नेटवर्क

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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