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फर्जी दस्तावेज बनाकर 45 करोड़ की जमीन हड़पने का मामला: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर 3 दिन की पुलिस कस्टडी में

फर्जी दस्तावेज बनाकर 45 करोड़ की जमीन हड़पने का मामला: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर 3 दिन की पुलिस कस्टडी में
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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टीआरपी डेस्क। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 45 करोड़ रुपये की जमीन की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जवाद की तीन दिन की रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। जवाद पहले से ही मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में था।

24 मार्च को जेल से गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जवाद को 24 मार्च को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के दायरे में की गई है। ईडी का आरोप है कि जवाद ने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मदनपुर खादर गांव में स्थित सवा एकड़ से अधिक जमीन को अवैध रूप से अपने नाम करवा लिया।

वर्तमान में जमीन की 45 करोड़ रुपए कीमत

जांच में सामने आया है कि इस जमीन की वर्तमान कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है, जबकि कागजों पर इसकी कीमत केवल 75 लाख रुपये दिखाई गई थी। जांच एजेंसियां अब इस बड़े अंतर और पैसों के असली लेन-देन के स्रोतों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। इससे पहले साकेत कोर्ट जवाद की जमानत याचिका दो बार खारिज कर चुकी है।

सिद्दीकी के खिलाफ जनवरी में पहली चार्जशीट दाखिल

महत्वपूर्ण बात यह भी है कि अल-फलाह ग्रुप की जांच 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके से जुड़े मामले में भी चल रही है। ईडी ने सिद्दीकी के खिलाफ जनवरी में ही पहली चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पुलिस अब कस्टडी के दौरान जमीन फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों और संपत्तियों की पहचान करने के लिए जवाद से पूछताछ करेगी।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

कृषि एवं ग्रामीण विकास विशेष संवाददाता

The Rural Press में कृषि संकट, किसान आंदोलन, ग्रामीण विकास एवं स्थानीय प्रशासन पर केंद्रित विशेष खोजी रिपोर्टिंग।

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