टीआरपी डेस्क। कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ सीबीआई ने आज चार्जशीट दायर की है। यह चार्जशीट सीबीआई ने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के दौरान पुल बंगश गुरुद्वारा अग्निकांड में दायर की है। बता दें कि 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के मामले में अप्रैल माह में जगदीश टाइटलर अपनी आवाज का सैंपल देने के लिए सीबीआई के सामने पेश हुए थे।

सीबीआई द्वारा पुल बंगश इलाके में 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में अपनी आवाज का नमूना दर्ज करने के लिए तलब करने पर कांग्रेस नेता सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी पहुंचे, जहां आगे की कार्रवाई की जा रही है। उनकी आवाज के नमूने की जांच CFSL की टीम लेगी।

अपनी आवाज के नमूने देने के बाद कांग्रेस नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा था, ‘मैंने किया क्या है? अगर मेरे खिलाफ सबूत हैं, तो मैं खुद को फांसी देने के लिए तैयार हूं… यह 1984 के दंगों के मामले से संबंधित नहीं था, जिसके लिए वे मेरी आवाज (नमूना) चाहते थे, लेकिन एक और मामला में था।”

जानकारी के अनुसार, टाइटलर के खिलाफ मामला उन तीन मामलों में से यह एक था। जिसे नानावती आयोग ने 2005 में सीबीआई द्वारा फिर से खोलने का आदेश दिया था। नानावती आयोग ने टाइटलर को 1984 के सिख विरोधी दंगों के आयोजकों में से एक के रूप में नामित किया है। टाइटलर पर अपने उत्तरी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में गुरुद्वारा पुल बंगश के बाहर भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप है जिसमें तीन सिख मारे गए थे।

बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख सुरक्षाकर्मियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद हुए दंगे के दौरान दिल्ली में 2,100 सहित पूरे भारत में लगभग 2,800 सिख मारे गए थे। सीबीआई ने पहले इस मामले में कांग्रेस नेता को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन 4 दिसंबर, 2015 के आदेश के बाद जांच फिर से शुरू की।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।