नई दिल्ली। वैक्सीन का उत्पादन बढ़ता जा रहा है और टीकाकरण की गति तेज हो रही है, जिसके बाद एक बार फिर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय वैक्सीन मैत्री के तहत विदेशों में वैक्सीन भेजना शुरू करेगा। विदेशों में वैक्सीन देने को लेकर विपक्ष की तीखी आलोचना झेलनेवाली सरकार एक बार फिर से दूसरे देशों को वैक्सीन भेजने पर विचार कर रही है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत जल्द ही वैक्सीन मैत्री के तहत दूसरे देशों को भी वैक्सीन भेजना शुरू करेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के पास जो भी सरप्लस वैक्सीन होगी उसको कोवैक्स प्रोग्राम के तहत दूसरे देशों को दिया जाएगा। गौरतलब है कि विदेशों में वैक्सीन भेजने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले पर पाबंदी लगा दी थी।
https://twitter.com/ANI/status/1439904494792232965?s=20
94.4 करोड़ लोगों का टीकाकरण लक्ष्य
भारत दुनिया में टीकों का सबसे बड़ा निर्माता है, अप्रैल में अपनी आबादी को टीका लगाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए टीके के निर्यात को रोक दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि देश में अलग-अलग वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के उत्पादन में बढ़ोतरी की वजह से देश में अक्टूबर महीने से 30 करोड़ खुराक से ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध होंगी। दिसंबर तक अपने सभी 94.4 करोड़ लोगों का टीकाकरण करना चाहती है और अब तक उनमें से 61 प्रतिशत को कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है।पहले पड़ोसी देशों को प्राथमिकता
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि टीकाकरण अभियान के तहत हमने 11 दिनों में 10 करोड़ टीके की खुराक दी और चार दिनों में, हमने हर दिन एक करोड़ से अधिक वैक्सीन खुराकें दी हैं। आज भी टीकाकरण की संख्या एक करोड़ को पार करने की उम्मीद है। साथ ही 'वैक्सीन मैत्री' के रूप में जाना जाने वाला नवीनीकृत निर्यात अभियान पहले पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देगा, यह कहते हुए कि अप्रैल के बाद से, देश का मासिक वैक्सीन उत्पादन दोगुने से अधिक हो गया है, और अगले महीने 300 मिलियन से अधिक खुराक के लिए चौगुना होना तय है।Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्राम, कू और वॉट्सएप, पर…
