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उत्तरकाशी ‘सैलाब’ पर ISRO का सैटेलाइट विश्लेण, 36 करोड़ घन मीटर मलबे ने क्षेत्र को लिया चपेट में, मलबे में दबे मिल रहे शव, देखे वीड़ियो...

उत्तरकाशी ‘सैलाब’ पर ISRO का सैटेलाइट विश्लेण, 36 करोड़ घन मीटर मलबे ने क्षेत्र को लिया चपेट में, मलबे में दबे मिल रहे शव, देखे वीड़ियो...
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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टीआरपी डेस्क। उत्तरकाशी में मंगलवार को खीर गंगा नदी में अचानक आया सैलाब, संभवतः बादल फटने या ग्लेशियल झील टूटने की वजह से, धराली गांव सहित आसपास के इलाक़ों में भारी तबाही मचा दी। वहीं अब गांव में मलबे में दबे लोगों को खोजने का काम शुरू हो गया है।

उत्तरकाशी से गंगोत्री तक एक ही सड़क है, जो धराली से गुजरती है। हर्षिल से धराली की 3 km की सड़क 4 जगह पर 100 से 150 मीटर तक खत्म हो चुकी है। भटवाड़ी से हर्षिल तक 3 जगह लैंडस्लाइड हुई है और एक पुल टूटा है। ऐसे में धराली तक सड़क खुलने में 2-3 दिन और लग सकते हैं। इस घटना में ज्यादातर धराली गांव मलबे और कीचड़ में दब गया uw।

ISRO के सैटलाइट विश्लेषण

ISRO के सैटलाइट विश्लेषण में सामने आया है कि लगभग 36 करोड़ घन मीटर मलबे ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लिया है, जिससे धराली गांव अस्तित्वहीन हो चुका है। मिट्टी, बड़ी-बड़ी चट्टानें और कीचड़ की बाढ़ ने गांव को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है। मलबे की ऊंचाई 3 मंजिला इमारत से भी ज़्यादा हो गई थी।

मानव और संरचनात्मक क्षति

अब तक कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अधिक संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं, स्थानीय अंदाज़ों के अनुसार यह संख्या 50 से अधिक भी हो सकती है। सैकड़ों लोगों को बचाया गया है, लेकिन कई लोगों के अभी भी मिलने की उम्मीद है।

बचाव और राहत कार्य जारी

सेना, NDRF, SDRF, ITBP और स्थानिक प्रशासन राहत कार्यों में शामिल हैं। हेलीकॉप्टर्स का उपयोग, स्निफर डॉग्स, ड्रोन और भारी मशीनरी को काम में लाया जा रहा है ताकि मलबे में दबे लोगों को खोजा जा सके। NDMA ने धराली घटना की त्वरित समीक्षा और जांच के लिए टीम भेजने की घोषणा की है, ताकि भविष्य की आपदा तैयारी बेहतर बनाई जा सके।

Akshay Ajay Behra
लेखक / पत्रकार:

Akshay Ajay Behra

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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