जिग्नेश मेवाणी

टीआरपी डेस्क। जिग्नेश मेवाणी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। गुजरात की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने आज निर्दलीय विधायक को बिना अनुमति के ‘आजादी मार्च’ आयोजित करने के 5 साल पुराने मामले में दोषी ठहराया है और उन्हें तीन महीने की कैद की सजा सुनाई गयी है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेए परमार ने भारतीय दंड संहिता की धारा 143 के तहत जिग्नेश मेवाणी और एनसीपी पदाधिकारी रेशमा पटेल और जिग्नेश मेवाणी के राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के कुछ सदस्यों सहित नौ अन्य को गैरकानूनी सभा में हिस्सा लेने का दोषी बताते हुए सजा सुनाई है।

गौरतलब है कि मेहसाणा ‘ए’ डिवीजन पुलिस ने जुलाई 2017 में बिना अनुमति के बनासकांठा जिले के मेहसाणा से धनेरा तक ‘आजादी मार्च’ निकालने के लिए जिग्नेश मेवाणी और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 143 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्राम, कू और वॉट्सएप, पर
…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।