बुधवार, 4 नवंबर 2026 बुध, 4 नवं |
संस्करण:
राष्ट्रीय

बूस्टर डोज वालों को नहीं दी जाएगी नेजल वैक्सीन - डॉ. अरोड़ा

बूस्टर डोज वालों को नहीं दी जाएगी नेजल वैक्सीन - डॉ. अरोड़ा
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
TRP अलर्ट्स

ताज़ा समाचार तुरंत पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

नई दिल्ली। भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को पिछले हफ्ते भारत के कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। प्राइवेट अस्पतालों को भारत बायोटेक की एक खुराक 800 रुपये की मिलेगी, इसके अलावा इस पर 5 प्रतिशत जीएसटी भी लगेगा। वहीं, सरकारी सेंटर्स पर वैक्सीन की कीमत 325 रुपये तय की गई है। हालांकि फिलहाल यह वैक्सीन सिर्फ प्राइवेट सेंटर्स पर ही मिलेगी। इन सबके बीच देश के वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख ने आज बताया कि यह नेजल वैक्सीन उन लोगों को नहीं लगायी जा सकती जिन्होंने बूस्टर डोज ली है।


बूस्टर डोज के रूप में लगाई जाएगी नेजल वैक्सीन

देश के वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ एन के अरोड़ा ने बताया कि यह इंट्रानेजल वैक्सीन पहले बूस्टर डोज के रूप में लगाई जाएगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को पहले से ही बूस्टर डोज मिल चुकी है तो उसे नेजल वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने अभी तक प्रीकॉशनरी डोज नहीं ली है।


 चौथी खुराक लेने का कोई मतलब नहीं

डॉ. अरोड़ा ने बताया कि वैक्सीन प्रोग्राम के हिस्से के रूप में कोविन चौथी खुराक को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आगे कहा कि मान लें कि आप चौथी खुराक लेना चाहते हैं। अगर किसी व्यक्ति को किसी विशेष प्रकार के एंटीजन की बार-बार इम्युनिटी दी जाती है तो शरीर प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है, या गलत रिएक्शन देता है। इस अवधारणा को एंटीजन सिंक कहा जाता है। वैक्सीन टास्क फोर्स ने बताया कि इसीलिए शुरुआत में एमआरएनए के टीके छह महीने के अंतराल से दिए जाते हैं। बाद में लोग तीन महीने के अंतराल पर ले रहे हैं, लेकिन उस मामले में इससे बहुत अधिक मदद नहीं मिली है इसलिए फिलहाल चौथी खुराक लेने का कोई मतलब नहीं है।

uchitsharma
लेखक / पत्रकार:

uchitsharma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

The Rural Press सम्पादकीय दल सभी खबरें देखें →
विज्ञापन