टीआरपी डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद, बाबा रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना ​​मामले में आज सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण खुद अदालत में मौजूद थे।

कोर्ट ने कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी रामदेव से दो दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित माफी को रिकॉर्ड पर पेश करने का आदेश दिया है। वहीं, अदालत ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश दिया है।

माफीनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

हालांकि, कोर्ट में बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी, हमने कल कई अखबारों में माफीनामा छपवाया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आखिर माफीनामा कल ही क्यों प्रकाशित किया गया। इसके अलावा बेंच ने ये भी सवाल उठाया कि आखिर माफीनामा उतना ही बड़ा छपा है, जितना बड़ा पतंजलि का विज्ञापन छपता है।

केंद्र सरकार पर भी कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि सह-प्रतिवादी के रूप में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सवाल पूछ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि देश भर के राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों को भी पार्टियों के रूप में जोड़ा जाएगा और उन्हें भी कुछ सवालों के जवाब देने होंगे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।