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Pegasus case : सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को दिया बड़ा झटका, जांच कमेटी पर लगाई रोक

Pegasus case : सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को दिया बड़ा झटका, जांच कमेटी पर लगाई रोक
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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नेशनल डेस्क। आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मामले में ममता बनर्जी को तगड़ा झटका दिया है। दरअसल कोर्ट ने ममता सरकार को नोटिस जारी करते हुए पेगासस मामले में की जा रही जांच पर रोक लगा दी है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पूर्व जज मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में एक जांच आयोग गठित किया था। इसे आयोग को पेगासस मामले की जांच करनी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर आयोग के काम को रोकने का आदेश दिया है

दरअसल, पेगासस की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी आयोग गठित किया जा चुका है। कोर्ट ने आयोग गठित करते हुए ममता बनर्जी सरकार से राज्य द्वारा गठित आयोग की जांच को रोकने को कहा था। इस पर ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि राज्य सरकार इस मामले में अपनी जांच को रोक देगा। हालांकि, कुछ दिनों बाद राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग ने फिर से जांच शुरू कर दी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा है।

भारत-अमेरिका समेत अन्य बड़े देशी पर लगा यह आरोप

पेगासस तब विवादों में आया था, जब एक रिपोर्ट में सामने आया कि कंपनी ने कई राजनीतिक लोगों, पत्रकारों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का फोन हैक करके उनका डेटा सरकारों को बेचा है। यह सिर्फ भारत ही नहीं अमेरिका व अन्य बड़े देशों में भी होने का आरोप है। हाल ही में पेगासस पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के 11 अधिकारियों के फोन हैक करने के आरोप लगे थे, इसके बाद नवंबर में अमेरिका ने एनएसओ को ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ऐसे करीब 300 मोबाइल नंबर सामने आए थे, जो पेगासस स्पाईवेयर की सूची में शामिल थे। इसमें भारत के कई पत्रकार, राजनेता, मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल थे। संसद में भी पेगासस मामले को लेकर काफी बहस हुई थी।

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The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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