Captain Smit Machhar PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की। PM मोदी ने उनका हालचाल जाना और मुश्किल हालात में दिखाए गए साहस की सराहना की।
बातचीत में कैप्टन स्मित ने उस खौफनाक घटना के दौरान अपने अनुभव और कॉकपिट तक पहुंची संकट की स्थिति के बारे में बताया।
हिम्मत नहीं दिखाई तो यात्रियों की जान चली जाती
कैप्टन स्मित मच्छार ने PM मोदी को बताया कि उस समय वह खुद अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अगर उन्होंने हिम्मत नहीं दिखाई, तो विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने बताया कि गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने खुद को उठने और कुछ करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की।
दर्द के बीच पढ़ते रहे हनुमान चालीसा
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि जब भी उन्हें तकलीफ होती है, वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उस मुश्किल वक्त में भी उन्होंने यही किया। उन्होंने PM मोदी से कहा कि उन्हें इससे हिम्मत मिली। कैप्टन स्मित ने PM मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से हौसला बढ़ाया जाना उनके लिए गर्व की बात है।
PM मोदी ने की साहस की तारीफ
PM मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में कैप्टन स्मित की सूझबूझ और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने बहुत बड़ा काम किया और सभी की जान बचाई। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह कैप्टन की देखभाल के लिए सऊदी अरब और यूएई की सरकारों का शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वह एक फोन कॉल की दूरी पर हैं।
भारत आपके स्वागत के लिए उत्सुक है
PM मोदी ने कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत उनके स्वागत के लिए उत्सुक है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए देशभर में विशेष प्रार्थनाएं भी की गईं। इससे पहले गुरुवार को PM मोदी ने कैप्टन स्मित की पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया था कि कैप्टन और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से पूरी मदद मिलेगी।
विमान में कैसे पैदा हुआ था संकट?
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान कॉकपिट में अचानक संकट पैदा हुआ। सह-पायलट की हरकत के बाद विमान का नियंत्रण बिगड़ने लगा और वह तेजी से नीचे जाने लगा। स्थिति को संभालने की कोशिश में कैप्टन स्मित मच्छार और सह-पायलट के बीच कॉकपिट में संघर्ष हुआ। इस दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
शरीर से लगातार खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपना हौसला नहीं टूटने दिया। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोला। दरवाजा खुलने के बाद केबिन क्रू और आगे बैठे यात्री कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने उपद्रव कर रहे सह-पायलट को काबू में कर लिया। इस तरह विमान में मौजूद यात्रियों के लिए पैदा हुआ बड़ा खतरा टला।



