टीआरपी डेस्क। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला को आज एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। वाराणसी की एमपी/एमएलए कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट के अमल पर शीर्ष अदालत ने 5 हफ्ते की रोक लगाई है।

सुरजेवाला से कोर्ट ने कहा कि वह वारंट रद्द करवाने के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट में आवेदन दें। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2000 में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रव से जुड़े मामले में सुरजेवाला को राहत दी है।

जानें सुप्रीम कोर्ट के निर्देष

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुरजेवाला को पांच सप्ताह के भीतर एनबीडब्ल्यू रद्द करने के लिए विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) वाराणसी की अदालत से संपर्क करने को कहा है। पीठ ने कहा, “याचिकाकर्ता को एनबीडब्ल्यू को रद्द करने के लिए एक आवेदन दायर करने की स्वतंत्रता दी गई है। इस बीच पांच सप्ताह तक की अवधि के लिए वारंट निष्पादित नहीं किया जाएगा।”

पढ़ें पूरा मामला?

सुरजेवाला की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने सुबह इस मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। उल्लेखनीय है कि साल 2000 में जब सुरजेवाला भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, उस समय वाराणसी में संवासिनी घोटाले में कांग्रेस नेताओं को कथित रूप से गलत फंसाने के विरोध में हंगामा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।